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Ballia News: पशु तस्करी के रूट पर गंगा में डूबी नाव 4 लोग, 12 पशुओं के बहने की आशंका
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फेफना। पशु तस्करी के रूट पर शहर से सटे माल्देपुर गंगाघाट के सामने बुधवार की शाम आंधी-बारिश के बीच पशुओं और मोटरसाइकिलों से लदी नाव गंगा में डूब गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव पर करीब 12 पशु, तीन मोटरसाइकिल और चार लोग सवार थे। शाम को अचानक तेज आंधी व बारिश से नदी के बीच नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाविक जवाहिर को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। उसने बताया कि चार लोगों और पशुओं को लेकर मैं गंगा उसपार जा रहा था। बीच धारा में आंधी से नाव पलट गई।
घटना के बाद किसी व्यक्ति की ओर से डूबने की शिकायत नहीं किए जाने के कारण पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बृहस्पतिवार की सुबह घाट पर घटना की जानकारी लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन नाव पर सवार लोगों और पशुओं का कोई सुराग नहीं मिल सका।
पुलिस घटना की जानकारी जुटाने में लगी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नदी में बहने वाले चारों लोग बिहार निवासी हैं, और पशु तस्कर से जुड़े हैं। इसलिए उनके परिचित पुलिस से संपर्क नहीं कर रहे।
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क्षेत्र से पशुओं की खरीदारी या चोरी कर बिहार व स्थानीय व्यापारी बिहार बक्सर के चौसा मेले में बिक्री के लिए ले जाते हैं। सड़क मार्ग पर चेकिंग व धरपकड़ के डर से नदी का रास्ता सुरक्षित है। स्थानीय लोगों के अनुसार हर सप्ताह बुधवार व मंगलवार को पशुओं को लेकर तस्कर उसपार नदी के रास्ते जाते हैं।
इस घटना ने गंगा और सरयू के तटवर्ती इलाकों में नावों के जरिये होने वाले पशु और शराब तस्करी के पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार फेफना, नरही, दुबहड़, हल्दी थाना क्षेत्रों के गंगा घाटों से पशुओं को उसपार बिहार ले जाने की जानकारी मिली है।
माल्देपुर, दरामपुर, संगमतट सागरपाली और नरही क्षेत्र के इच्छा के पूरा सहित कई घाटों से दिन में भी पशुओं से लदी नावों के आवागमन की बात कही जाती है।
इस बारे में फेफना थानाध्यक्ष अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि उन्हें नाव डूबने की घटना की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर नाव की तलाश कराई जाएगी। पशु तस्करी को लेकर अक्सर चेकिंग की जाती है।
धरपकड़ होने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नाव पर करीब 12 पशु, तीन मोटरसाइकिल और चार लोग सवार थे। शाम को अचानक तेज आंधी व बारिश से नदी के बीच नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाविक जवाहिर को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। उसने बताया कि चार लोगों और पशुओं को लेकर मैं गंगा उसपार जा रहा था। बीच धारा में आंधी से नाव पलट गई।
घटना के बाद किसी व्यक्ति की ओर से डूबने की शिकायत नहीं किए जाने के कारण पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बृहस्पतिवार की सुबह घाट पर घटना की जानकारी लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही, लेकिन नाव पर सवार लोगों और पशुओं का कोई सुराग नहीं मिल सका।
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पुलिस घटना की जानकारी जुटाने में लगी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नदी में बहने वाले चारों लोग बिहार निवासी हैं, और पशु तस्कर से जुड़े हैं। इसलिए उनके परिचित पुलिस से संपर्क नहीं कर रहे।
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क्षेत्र से पशुओं की खरीदारी या चोरी कर बिहार व स्थानीय व्यापारी बिहार बक्सर के चौसा मेले में बिक्री के लिए ले जाते हैं। सड़क मार्ग पर चेकिंग व धरपकड़ के डर से नदी का रास्ता सुरक्षित है। स्थानीय लोगों के अनुसार हर सप्ताह बुधवार व मंगलवार को पशुओं को लेकर तस्कर उसपार नदी के रास्ते जाते हैं।
इस घटना ने गंगा और सरयू के तटवर्ती इलाकों में नावों के जरिये होने वाले पशु और शराब तस्करी के पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार फेफना, नरही, दुबहड़, हल्दी थाना क्षेत्रों के गंगा घाटों से पशुओं को उसपार बिहार ले जाने की जानकारी मिली है।
माल्देपुर, दरामपुर, संगमतट सागरपाली और नरही क्षेत्र के इच्छा के पूरा सहित कई घाटों से दिन में भी पशुओं से लदी नावों के आवागमन की बात कही जाती है।
इस बारे में फेफना थानाध्यक्ष अखिलेश चंद्र पांडेय ने बताया कि उन्हें नाव डूबने की घटना की जानकारी नहीं है। शिकायत मिलने पर नाव की तलाश कराई जाएगी। पशु तस्करी को लेकर अक्सर चेकिंग की जाती है।
धरपकड़ होने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।