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‘युगद्रष्टा थे स्वामी विवेकानंद ’
Updated Tue, 12 Jan 2016 10:20 PM IST
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युगद्रष्टा स्वामी विवेकानंद की 153वीं जयंती जनपद के विभिन्न संस्थानों विद्यालयों आदि स्थानों पर धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए इनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
नेहरू युवा कें द्र बलिया के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले युवा सप्ताह का शुभारंभ केंद्र के कार्यालय पर मंगलवार की सुबह हुआ। जिसमें युवा मंडल के सुशील द्विवेदी ने कहा कि स्वामी जी का व्यक्तित्व प्रभावित करने वाला था।
इस मौके पर लेखाकार नवीन कुमार सिंह, नीरज सिंह, करूणनीधि वर्मा, प्रवीण वर्मा, सत्यदेव प्रसाद आदि मौजूद रहे। उधर कुंवर सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा सप्ताह का शुभारंभ स्वामी जी के जयंती मनाने के साथ किया गया।
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महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में समकालीन समाज में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी हुई। जिसमें इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. विश्व प्रकाश मिश्र ने कहा कि जब धर्म की अपने-अपने ढंग से संकीर्ण व्याख्या होने लगी है, ऐसे में सामाजिक परिदृश्य में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता ज्यादा बढ़ गई है।
डॉ. धीरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि देश के युवा स्वामी जी के आदर्शों को अपनाएं तो भारत पुन: विश्व गुरू बन जाएगा। प्राचार्य डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आज सबसे बड़ा संकट नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट है। इस मौके पर डॉ. राणा प्रताप सिंह, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. मंजूरानी सिंह, डॉ. संजय, डॉ. अजय बिहारी पाठक, डॉ. दिव्या मिश्रा, सच्दिानंद राम, डॉ. हरिशंकर सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. फूलबदन सिंह ने किया।
मुरली मनोहर टाउन स्नातकोेत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मंगलवार को स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर राष्ट्र निर्माण में स्वामी जी के विचारों की उपयोगिता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें डॉ. दयालानंद राय ने कहा कि अपने अंदर मानवता को जगाना ही शिक्षा का मूल है। डॉ. यमुना मिश्र ने कहा कि स्वामी जी ने विश्व पटल पर धर्म और संस्कृति की स्थापना की। डॉ. निशा राघव ने कहा कि युवाओं से अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए स्वामी जी के आदर्शों का अपनाना ही होगा।
डॉ. अखिलेश राय ने कहा कि आदर्श की प्राप्ति के लिए सार्थक प्रयास सफलता की कुंजी है। इस मौके पर डॉ. अशोक सिंह, ब्रजेश सिंह, डॉ. रमाकांत सिंह, डॉ. ओमकार सिंह, डॉ. भारतेंदु मिश्र आदि मौजूद रहे।
उधर मालगोदाम स्थित अखिल भारतीय कार्यालय के प्रांगण में स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कार्यक्रम का श्ुाभारंभ किया। बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार नगर के जेएन शिक्षण संस्थान पर स्वामी विवेकानंद जयंती पर गोष्ठी हुई। इस मौके पर अशोक जायसवाल, अमरजीत चौरसिया, रवींद्र नाथ राजभर, अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
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नेहरू युवा कें द्र बलिया के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले युवा सप्ताह का शुभारंभ केंद्र के कार्यालय पर मंगलवार की सुबह हुआ। जिसमें युवा मंडल के सुशील द्विवेदी ने कहा कि स्वामी जी का व्यक्तित्व प्रभावित करने वाला था।
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इस मौके पर लेखाकार नवीन कुमार सिंह, नीरज सिंह, करूणनीधि वर्मा, प्रवीण वर्मा, सत्यदेव प्रसाद आदि मौजूद रहे। उधर कुंवर सिंह स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय युवा सप्ताह का शुभारंभ स्वामी जी के जयंती मनाने के साथ किया गया।
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महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में समकालीन समाज में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता विषय पर संगोष्ठी हुई। जिसमें इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. विश्व प्रकाश मिश्र ने कहा कि जब धर्म की अपने-अपने ढंग से संकीर्ण व्याख्या होने लगी है, ऐसे में सामाजिक परिदृश्य में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता ज्यादा बढ़ गई है।
डॉ. धीरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि देश के युवा स्वामी जी के आदर्शों को अपनाएं तो भारत पुन: विश्व गुरू बन जाएगा। प्राचार्य डॉ. अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आज सबसे बड़ा संकट नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट है। इस मौके पर डॉ. राणा प्रताप सिंह, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. मंजूरानी सिंह, डॉ. संजय, डॉ. अजय बिहारी पाठक, डॉ. दिव्या मिश्रा, सच्दिानंद राम, डॉ. हरिशंकर सिंह आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. फूलबदन सिंह ने किया।
मुरली मनोहर टाउन स्नातकोेत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मंगलवार को स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर राष्ट्र निर्माण में स्वामी जी के विचारों की उपयोगिता विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
जिसमें डॉ. दयालानंद राय ने कहा कि अपने अंदर मानवता को जगाना ही शिक्षा का मूल है। डॉ. यमुना मिश्र ने कहा कि स्वामी जी ने विश्व पटल पर धर्म और संस्कृति की स्थापना की। डॉ. निशा राघव ने कहा कि युवाओं से अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए स्वामी जी के आदर्शों का अपनाना ही होगा।
डॉ. अखिलेश राय ने कहा कि आदर्श की प्राप्ति के लिए सार्थक प्रयास सफलता की कुंजी है। इस मौके पर डॉ. अशोक सिंह, ब्रजेश सिंह, डॉ. रमाकांत सिंह, डॉ. ओमकार सिंह, डॉ. भारतेंदु मिश्र आदि मौजूद रहे।
उधर मालगोदाम स्थित अखिल भारतीय कार्यालय के प्रांगण में स्वामी विवेकानंद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कार्यक्रम का श्ुाभारंभ किया। बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार नगर के जेएन शिक्षण संस्थान पर स्वामी विवेकानंद जयंती पर गोष्ठी हुई। इस मौके पर अशोक जायसवाल, अमरजीत चौरसिया, रवींद्र नाथ राजभर, अमित श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।