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बाइक और स्कूटर पर चल रही मोबाइल हेल्थ टीमें

Wed, 31 Aug 2016 08:14 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया Updated Wed, 31 Aug 2016 08:14 PM IST
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bike scooter par chal rahi health teams
डाक्टर - फोटो : अमर उजाला
एनआरएचएम के तहत जिले में मोबाइल हेल्थ टीम गठित कर ग्रामीण इलाकों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगा गया। मोबाइल हेल्थ टीमों को सुदूर  क्षेत्रों में पहुंचाने के लिए वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। लेकिन सबसे  दिलचस्प यह है कि उन वाहनों से सवारी ढोई जा रही है। यही नहीं कुछ ऐसे वाहन भी पंजीकृत किए गए हैं, जिनका नंबर चार पहिया की जगह स्कूटर और बाइक का है। इस तरह का मामला एनआरएचएम के मिशन निदेशक के पत्र से प्रकाश  में आया है। 
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मोबाइल  हेल्थ टीम को उपलब्ध कराये गए टैक्सी परमिट वाहन में कई अनियमितताएं बरती  गई है। इस आशय का पत्र मिशन निदेशक आलोक कुमार ने समस्त जिलाधिकारी/अध्यक्ष  जिला स्वास्थ्य समिति तथा मुख्य चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है।  पत्र में उल्लेख किया गया है कि जनपदों में आरबीएसके (राष्ट्रीय बाल  स्वास्थ्य कार्यक्रम) के अंतर्गत मोबाइल हेल्थ टीम को उपलब्ध कराए गए  वाहनों की सूची उपलब्ध कराये जाने के संबंध में निर्देश जून 2015 से दिए जा रहे हैं।
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वित्तीय वर्ष 2015-16 में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम  के अंतर्गत मोबाइल हेल्थ टीम को जो वाहन उपलब्ध कराये गए हैं, उसकी सूची जनपद से प्राप्त हुई है। जिसके भुगतानित बिलों की प्रतियों एवं विभागीय  आडिट टीम द्वारा आडिट रिपोर्टों के आधार पर यह संज्ञान में आया है कि आरबीएसके के अंतर्गत मोबाइल हेल्थ टीम को उपलब्ध कराये गए वाहनों के टेंडर  एवं भुगतान में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं।
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जिसमें प्रत्येक वर्ष  मोबाइल हेल्थ टीम को वाहन किराये पर उपलब्ध कराने के लिये हर साल टेंडर  नहीं कराये गए हैं। टेंडर में जिन वाहनों का नंबर प्रस्तुत किया गया है।  उसमें से अनेक वाहन टैक्सी परमिट वाहन नहीं हैं। जबकि टैक्सी परमीट वाहनों  को ही टेंडर में लेना था। उन वाहनों के स्थान पर कार, स्कूटर, थ्री व्हीलर,  बाइक, ट्रक और बस आदि के नंबर दिये जा रहे हैं। यही नहीं इसका अनुमोदन भी  दिया गया है। बिनों में जो वाहन नंबर दिये जा रहे हैं, उनके टेंडर में  अनुमोदन नहीं है। यही नहीं आरबीएसके के वाहनों को मिशन इंद्रधनुष एवं अन्य  योजनाओं में चलाकर दोहरा भुगतान किया जा रहा है। 
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