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भीषण तूफान के चलते खराब विद्युत अब तक बेपटरी
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Thu, 02 Jun 2016 08:14 PM IST
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बिजली
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बीते दिनों आए आंधी-पानी और चक्रवाती तूफान के चलते ग्रामीण इलाकों सैकड़ों विशाल पेड़ धराशाई हो गए। पेड़ की डालियों के टूटने से जहां विद्युत तार टूट गए थे। वहीं जनपद के कई इलाकों में करीब 550 से अधिक विद्युत पोल टूट कर गिर गए थे।
कई स्थानों पर तूफानी आंधी में ट्रांसफार्मर भी उड़कर दूर जा गिरे थे। अब आलम यह है कि करीब एक सप्ताह बीतने के बाद भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है। गांवों में मोबाइल चार्जिंग से अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण भी शोपीस बने हुए है।
आंधी और चक्रवाती तूफान के चलते सबसे अधिक नुकसान रसड़ा, बैरिया, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड, बांसडीह तहसील क्षेत्र मनियर इलाके में हुआ था। आलम यह है कि एक सप्ताह बाद भी विद्युत आपूर्ति शुरु नहीं कराए जाने से लोगों की फजीहतें बढ़ गई है।
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लोगों को अपने मोबाइल चार्जिंग के लिए दूसरों का सहारा लेना पड़ रहा है। कहीं कोई जेनरेटर से मोबाइल चार्जिंग करा रहे हैं तो कोई जिला मुख्यालय पर आकर मोबाइल को चार्ज कर रहा है।
बेल्थरारोड संवाददाता के मुताबिक : नगर में पिछले कई दिनों से बिजली पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। विगत दिनों आई आंधी पानी से विद्युत टावर ध्वस्त हो जाने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगरवासी बिजली, पानी के लिए बिलबिला रहे है।
आंधी, पानी में विद्युत टावर ध्वस्त हो गया। जिससे जिले के अधिकांश हिस्सों में अंधेरा छा गया। बिजली गुल हो जाने से लोग जनरेटर का सहारा लेकर प्रदूषण बढ़ा दिए है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली, पानी का संकट गहराने से जनजीवन प्रभावित हो गया है।
बैरिया संवाददाता के मुताबिक : तहसील क्षेत्र में इन दिनों बिजली लोगों रूला रही है। बिजली आपूर्ति और कटौती का समय निर्धारित नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। दिन में मुश्किल से दो घंटे तथा रात में तीन से चार घंटे बिजली मिल पाती है।
ऐसे में किसान, गरीब और व्यापारी हर कोई परेशान है। लोगों ने चेताया कि विद्युत आपूर्ति ठीक नहीं कराई गई तो हम उग्र आंदोलन छेडने के लिए बाध्य होंगे। इस बावत विद्युत उपकेंद्र केंद्र जेई रतन लाल ने कहा कि बिजली कटौती यहा से नहीं उपर से हो रही है। जितना बिजली हम लोगों को मिल रही है वह बैरिया तहसील क्षेत्र में आपूर्ति की जा रही है।
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कई स्थानों पर तूफानी आंधी में ट्रांसफार्मर भी उड़कर दूर जा गिरे थे। अब आलम यह है कि करीब एक सप्ताह बीतने के बाद भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है। गांवों में मोबाइल चार्जिंग से अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरण भी शोपीस बने हुए है।
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आंधी और चक्रवाती तूफान के चलते सबसे अधिक नुकसान रसड़ा, बैरिया, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड, बांसडीह तहसील क्षेत्र मनियर इलाके में हुआ था। आलम यह है कि एक सप्ताह बाद भी विद्युत आपूर्ति शुरु नहीं कराए जाने से लोगों की फजीहतें बढ़ गई है।
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लोगों को अपने मोबाइल चार्जिंग के लिए दूसरों का सहारा लेना पड़ रहा है। कहीं कोई जेनरेटर से मोबाइल चार्जिंग करा रहे हैं तो कोई जिला मुख्यालय पर आकर मोबाइल को चार्ज कर रहा है।
बेल्थरारोड संवाददाता के मुताबिक : नगर में पिछले कई दिनों से बिजली पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। विगत दिनों आई आंधी पानी से विद्युत टावर ध्वस्त हो जाने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। नगरवासी बिजली, पानी के लिए बिलबिला रहे है।
आंधी, पानी में विद्युत टावर ध्वस्त हो गया। जिससे जिले के अधिकांश हिस्सों में अंधेरा छा गया। बिजली गुल हो जाने से लोग जनरेटर का सहारा लेकर प्रदूषण बढ़ा दिए है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली, पानी का संकट गहराने से जनजीवन प्रभावित हो गया है।
बैरिया संवाददाता के मुताबिक : तहसील क्षेत्र में इन दिनों बिजली लोगों रूला रही है। बिजली आपूर्ति और कटौती का समय निर्धारित नहीं होने से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। दिन में मुश्किल से दो घंटे तथा रात में तीन से चार घंटे बिजली मिल पाती है।
ऐसे में किसान, गरीब और व्यापारी हर कोई परेशान है। लोगों ने चेताया कि विद्युत आपूर्ति ठीक नहीं कराई गई तो हम उग्र आंदोलन छेडने के लिए बाध्य होंगे। इस बावत विद्युत उपकेंद्र केंद्र जेई रतन लाल ने कहा कि बिजली कटौती यहा से नहीं उपर से हो रही है। जितना बिजली हम लोगों को मिल रही है वह बैरिया तहसील क्षेत्र में आपूर्ति की जा रही है।