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बलियाः अधूरे ठोकरों पर बढ़ने लगा पानी का दबाव, कटान रोकने के लिए बाढ़ विभाग ने शुरू की फ्लड फाइटिंग

Mon, 02 Aug 2021 10:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 02 Aug 2021 10:42 PM IST
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Ballia: Water pressure started increasing on unfinished stumbling blocks, flood department started flood fighting to stop erosion
रामगढ़ क्षेत्र के सोनार टोला स्थित स्पर संख्या दो के समीप बाढ़ विभाग द्वारा कटान रोकने के लिए डाल - फोटो : BALLIA
रामगढ़। गंगा नदी के जलस्तर में बेतहाशा वृद्धि का क्रम जारी है। आलम यह है कि गंगापुर से लेकर चौबे छपरा तक अधूरे पड़े ठोकरों पर गंगा नदी के बैक रोलिंग धारा का दबाव बढ़ाना शुरू हो गया है। इसके चलते सोनार टोला के समीप बने ठोकर के पास कटान शुरू हो गया है। हालात को देखकर बाढ़ विभाग के हाथ पांव फूलने शुरू हो गए हैं। आनन-फानन में विभाग फ्लड फाइटिंग के तहत इस कटान को रोकने का प्रयास कर रहा है। अगर यही स्थिति रही तो तो कभी भी यह स्पर गंगा की लहरों में बह सकते हैं।
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जिसका डर था वही होना शुरू हो गया है। इस बार बाढ़ भी 34 करोड़ की लागत से गंगापुर डगरा से लेकर चौबे छपरा तक तीन ठोकर व रीवेटमेंट बनाने का कार्य फरवरी माह में शुरु हुआ। लेकिन पांच माह बाद भी यह कार्य पूरा नहीं हो सका और बीच में इस कार्य को छोड़कर ठेकेदार गायब हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि आज जो स्थिति है इसके लिए हमारे जनप्रतिनिधि भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। अगर वे बाढ़ विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों पर नकेल कसे होते तो शायद आज यह नौबत नहीं आती और योगी की ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर दम भी नहीं तोड़ता। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जो ठेकेदार आधे अधूरे कार्य छोड़कर फरार हुए हैं उन पर विभाग इतना मेहरबान क्यों है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए तत्काल ठेकेदारों द्वारा कराए गए कार्यों की जांच बाढ़ विभाग के एक्सपर्ट टेक्नीशियन से कराने की मांग की है ताकि ठेकेदार व अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई हो सके। गंगा का जलस्तर जैसे-जैसे डेंजर लेवल के करीब पहुंचता जा रहा है वैसे वैसे बाढ़ विभाग की धुकधुकी बढ़ती जा रही है। ठोकरों का अगला भाग गंगा नदी के दबाव के चलते धीरे धीरे खिसकना शुरू हो गया है। इस बाबत बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि गंगा के जलस्तर के वृद्धि को देखते हुए बाढ़ विभाग अलर्ट है। अभी एनएच 31 पर कोई खतरा नहीं है। विभाग क्रिटिकल जोन पर पैनी नजर बनाए हुए है।
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8 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर
रामगढ़। केंद्रीय जल आयोग गायघाट के अनुसार गंगा का जलस्तर सोमवार की शाम 4 बजे 55.940 मी. दर्ज की गई। गंगा के जलस्तर में प्रति घंटा 8 सेमी. का बढ़ाव बना हुआ है।
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सरयू का जलस्तर हुआ स्थिर, अभी भी लाल निशान से उपर
बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से लाल निशान से 18 सेमी. ऊपर बहने वाली सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहने के बाद सोमवार को दोपहर से जलस्तर 64.190 मीटर पर स्थिर हो गया जो शाम तक जारी रहा। जबकि लाल निशान 64.010 मी है। लाल निशान से जलस्तर 18 सेंटीमीटर अधिक पहुंचने के बाद नदी की प्रकृति में स्थिरता आ गई। हालांकि आयोग ने अगले 24 घंटे तक जलस्तर स्थिर रहने का पूर्वानुमान किया है। फिर भी बाढ़ की आशंका अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। तटवर्ती हाहानाला से लेकर गुलौरा मल्लाह बस्ती, यादव बस्ती, मठिया, खैरा खास, तुर्तीपार के मल्लाह बस्ती, माली बस्ती तक नदी का पानी पहुंच गया है। कई किमी भू-भाग में नदी का पानी फैल गया है। बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग सहम गए हैं। चांदपुर और मांझी गेज पर भी बढ़ाव बना हुआ है। चांदपुर में नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
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