देश के सबसे मशहूर मेलों में से एक बलिया का ददरी मेला नहीं लगेगा इस साल
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर इस वर्ष ददरी मेला नहीं लगेगा। कार्तिक पूर्णिमा पर भी सिर्फ स्नान होगा,कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी एसपी शाही ने कहा कि महामारी से जनता को बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
ददरी मेले के आयोजन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में कोविड-19 को देखते हुए मेले के आयोजन को लेकर सुझाव लिए गए। जिलाधिकारी एसपी शाही ने कहा कि ददरी मेले में आने वाली भीड़ से कोविड प्रोटोकाल का शत अनुपालन करा पाना मुश्किल होगा। दोबारा जिले को लॉकडाउन की स्थिति में ले जाना उचित नहीं है। ठंड के साथ संक्रमण फिर फैलने की आशंका जताई जा रही है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए इस वर्ष ददरी मेला स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा जुलाई-अगस्त में कोरोना संक्रमण से बलिया जिला सबसे ज्यादा प्रभावित था। वर्तमान में स्थिति नियंत्रित है लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। नगरपालिका परिषद बलिया का कोई ऐसा वार्ड नहीं है, जहां एक भी केस नहीं है। दो सौ से अधिक कंटेंमेंट जोन हैं। आज भी मुहल्ला भृगु आश्रम में 31 मरीज, पुलिस लाइन में 13, आनंदनगर में 10 मरीज हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत सारी परंपरागत गतिविधियों पर विराम लगा है। विभिन्न जगहों पर आयोजित होने वाले महावीरी जुलूस, मथुरा का गोवर्धन मेला, गढ़ मेला जैसी पारंपरिक गतिविधियां स्थगित हुईं। इसलिए लोगों की सुरक्षा के लिए मेला नहीं कराया जाना ही उचित होगा। बैठक में सीआरओ विवेक श्रीवास्तव, एडीएम रामआसरे, एसडीएम सदर राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, सीओ सिटी अरुण सिंह, नपा चेयरमैन अजय कुमार, ईओ दिनेश विश्वकर्मा आदि अधिकारी थे।
राजकीय मेला घोषित कराने का होगा प्रयास
बलिया। ददरी मेले को राजकीय मेला घोषित करने की मांग पर कहा कि मेले का आयोजन नहीं होता है तो उस समय का सदुपयोग हो इसके लिए शासन से बात हुई है। इससे संबंधित प्रारूप मंगवाया गया है। इस पर जरूरी विवरण भरकर भेजा जाएगा। इसके बाद जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के स्तर पर पहल कर ददरी मेले को राजकीय मेला घोषित करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि मेला भूमि का चयन हो जाए तो इस दिशा में एक बड़ी बाधा दूर हो जाएगी।
बलिया गान बनाने का दिया सुझाव
बलिया। जिलाधिकारी ने कहा कि बलिया पर आधारित कोई गीत होनी चाहिए। इस वर्ष ददरी मेले का आयोजन नहीं होगा। इस समय यह गीत बन जा तो बेहतर कदम होगा। इसके लिए कई गीत लिखवाए जाएं। फिर सोशल स्टेज पर बेहतर गीत चुनने के लिए वोटिंग कराई जाए। इसके बाद तीन गीत चुनकर सुना जाए। इसमें सबसे बेहतर गीत को बलिया गान चुना जाए। बलिया गीत लिखने वाले को एक लाख का इनाम दिया जाएगा। इसमें होने वाले खर्च को लेकर चेयरमैन अजय कुमार ने आश्वस्त किया। इसके साथ ही ददरी मेला स्मारिका भी तैयार कराने की बात कही।