फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   ballia homgaurd news

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से होमगार्डों का बढ़ा था मानदेय, सरकार ने 144 की ड्यूटी में की कटौती

Thu, 03 Oct 2019 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
ballia homgaurd news
बलिया/ मनियर। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जहां होमगार्ड के जवानों का मानदेय बढ़ा, वहीं दूसरी ओर उनकी ड्यूटी में कटौती क्रम शुरू हो गया। सरकार व विभाग के इस निर्णय से बलिया जनपद के तकरीबन 144 जवानों की ड्यूटी चली गयी। जनपद में कुल 1471 जवानों की ड्यूटी पिछले माह सितंबर माह में लगी थी, लेकिन सरकार के निर्देश के बाद विभाग ने एक अक्तूबर से 144 जवानों की ड्यूटी काटकर विभाग ने 1327 जवान की ड्यूटी लगाई है। ऐसे में 144 जवानों के सामने अब रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया है। होमगार्ड के जिलाध्यक्ष छोटे यादव ने कहा कि 144 जवानों की ड्यूटी बहाल नहीं हुई तो सारे होमगार्ड रोड पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने बीते 30 जुलाई को होमगार्डो के एक याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार को आदेशित किया था कि होमगार्ड के जवानों को पुलिस के जवानों के एक दिन के मानदेय के बराबर वेतन भत्ता दिया जाय।
विज्ञापन

जिस पर अमल करते हुए सरकार 23 सितंबर को होमगार्ड स्वयंसेवकों का न्यूनतम प्रतिदिन का वेतन 600 रुपये करने के साथ ही महंगाई भत्ता 72 रुपये देने की घोषणा कर दी। जिससे स्वयंसेवकों का प्रतिदिन का वेतन कुल 672 रुपये हो गया। जिससे जवानों में खुशी की लहर तो दौड़ गई, लेकिन इसके बाद शासन ने होमगार्ड्स विभाग में उपलब्ध बजट के आधार पर होमगार्ड्स स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया। जिससे विभाग के जवानों में मायूसी छा गई। विभाग का तर्क है कि समूचे प्रदेश में कुल 51575 होमगार्ड स्वयंसेवक तैनात है। 672 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अक्तूबर-2019 से फरवरी 2020 तक उपलब्ध बजट में सभी को वेतन मुहैया नहीं कराया जा सकता।
विज्ञापन

ऐसे में विभाग द्वारा उपलब्ध बजट के तहत करीब 35056 स्वयं सेेेवकों को ही पांच माह का वेतन दिया जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि जनपदवार होमगार्ड स्वयंसेवकों की ड्यूटी व्यवस्थापन किया जाये। सरकार के इस फरमान से होमगार्ड स्वयंसेवकों में एक ओर जहां खुशी है तो दूसरी ओर गम भी है। अब उन्हें बेरोजगार होने की चिंता सताने लगी है। कारण कि प्रदेश में जब से भाजपा की सरकार बनी व योगी आदित्य नाथ मुख्यमंत्री बने तभी से होमगार्डो के जवानों के 500 रुपये प्रतिदिन मानदेय के हिसाब से लगातार जवानों की ड्यूटी लगती रही। जब से पुलिस के एक दिन के मानदेय के बराबर होमगार्डो के वेतन देने का हाईकोर्ट का फैसला आया, तभी से सरकार व विभाग ने जवानों के प्रतिधन की कमी का रोना रोते हुए पैंतरा बदल दिया। जिसके कारण लगभग 17 हजार जवानों के आगे विकट समस्या उत्पन हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम को होमगार्ड के अध्यक्ष ने पत्र भेज की जा रही कटौती पर रोकर लगाने की मांग
बलिया। उप्र होमगार्ड अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश द्विवेदी ने विगत 30 सितंबर को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर होमगार्ड विभाग द्वारा होमगार्ड जवानों की ड्यूटी में की जा रही 32 प्रतिशत कटौती को रोकने की गुजारिश की है। उन्होंने सीएम से अनुरोध किया है कि जवानों को विभाग द्वारा किये जाने वाले एरियर का भुगतान (प्रति जवान करीब 2.5 लाख) कुछ समय के लिए लम्बित कर दिया जाये और उस धनराशि को जवानों के वेतन के मद में खर्च किया जाये। ताकि विभाग के 17 हजार जवान बेकारी की मार से बच सकें। अपने पत्र में उन्होंने यह भी जिक्र किया है कि अन्यथा की स्थिति में एसोसिएशन आंदोलन को बाध्य होगा। इसके अलावा गोरखपुर जनपद के जिलाध्यक्ष वशिष्ट मौर्य और संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष महेंद्र चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी में की जा रही कटौती पर रोक लगाने की गुजारिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed