{"_id":"62a22442c6ac9f42a13d414a","slug":"auspicious-work-will-stop-for-four-months-from-july-10-ballia-news-vns658068971","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 जुलाई से चार माह के लिए रुक जाएंगे शुभ कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 जुलाई से चार माह के लिए रुक जाएंगे शुभ कार्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जून से लेकर जुलाई तक 14 शादियों के मुहूर्त बाकी है। जुलाई में नौ तारीख के बाद से चार माह के लिए शादियों और शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी है। एकादशी के बाद चार माह तक शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। इस बार नवंबर और दिसंबर में भी शादियों के काफी कम मुहूर्त हैं।
फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा गांव निवासी पंडित अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि नौ जुलाई को एकादशी है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी चार माह तक श्री हरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, इसलिए चार माह तक शुभ वर्जित हैं। चार नवंबर को देवोत्थान एकादशी से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। इस बार नवंबर के बाद भी शादियों के काफी कम मुहूर्त हैं। आमतौर पर देवोत्थान एकादशी से शादियों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार शुक्र का तारा अस्त होने की वजह से नवंबर में शादियां काफी कम हैं। नवंबर में पांच शादी का शुभ मुहूर्त है। नवंबर से लेकर दिसंबर तक महज 13 शादियों के मुहूर्त्त हैं।
जून से लेकर दिसंबर तक के शादियों के शुभ मुहूर्त
जून - 10, 11, 14, 17, 20, 21, 22 और 23
जुलाई -3, 6, 7, 8 और 9 जुलाई (इसके बाद चार महीने का ब्रेक)
नवंबर-24, 25,26,27,28
दिसंबर-2, 3, 4, 7, 8, 9, 13, 14
शुक्र का तारा हो रहा अस्त
पंडित अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि 29 सितंबर को शुक्र अस्त हो रहा है। शुक्र का तारा 20 नवंबर को उदय होगा। इस बीच इस बार देवोत्थान एकादशी को भी शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। दांपत्य जीवन और शादियों के लिए शुक्र को खास ग्रह माना जाता है। शुक्र का तारा अस्त होने पर विवाह के लिए यह शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए इस बार देवस्थान एकादशी को भी अबूझ साया होने के बावजूद शुभ साया नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा गांव निवासी पंडित अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि नौ जुलाई को एकादशी है। आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी चार माह तक श्री हरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, इसलिए चार माह तक शुभ वर्जित हैं। चार नवंबर को देवोत्थान एकादशी से शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे। इस बार नवंबर के बाद भी शादियों के काफी कम मुहूर्त हैं। आमतौर पर देवोत्थान एकादशी से शादियों के शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं, लेकिन इस बार शुक्र का तारा अस्त होने की वजह से नवंबर में शादियां काफी कम हैं। नवंबर में पांच शादी का शुभ मुहूर्त है। नवंबर से लेकर दिसंबर तक महज 13 शादियों के मुहूर्त्त हैं।
विज्ञापन
जून से लेकर दिसंबर तक के शादियों के शुभ मुहूर्त
जून - 10, 11, 14, 17, 20, 21, 22 और 23
जुलाई -3, 6, 7, 8 और 9 जुलाई (इसके बाद चार महीने का ब्रेक)
नवंबर-24, 25,26,27,28
दिसंबर-2, 3, 4, 7, 8, 9, 13, 14
शुक्र का तारा हो रहा अस्त
पंडित अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि 29 सितंबर को शुक्र अस्त हो रहा है। शुक्र का तारा 20 नवंबर को उदय होगा। इस बीच इस बार देवोत्थान एकादशी को भी शुभ मुहूर्त नहीं बन रहा है। दांपत्य जीवन और शादियों के लिए शुक्र को खास ग्रह माना जाता है। शुक्र का तारा अस्त होने पर विवाह के लिए यह शुभ नहीं माना जाता है। इसलिए इस बार देवस्थान एकादशी को भी अबूझ साया होने के बावजूद शुभ साया नहीं है।
विज्ञापन