{"_id":"b864a2550c5473b124eb411112fda4c2","slug":"are-desperate-to-touch-the-red-light-waves-of-the-ganga-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खतरे का निशान छूने को बेताब हैं गंगा की लहरें ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खतरे का निशान छूने को बेताब हैं गंगा की लहरें
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Sun, 12 Jul 2015 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे खतरा के निशान के पास पहुंच रहा है। अगर इसी तरह उतराखंड में मूसलाधार बारिश होती रही तो चंद दिनों में गंगा की लहरें लाल निशान पार कर जाएंगी। हाल-फिलहाल में गंगा की लहरें कृषि योग्य भूमि को निगलना शुरू कर दी हैं। इससे तटवर्ती लोगों में दहशत है।
दो दशक से गंगा ने तीन दर्जन गांवों को अपने पेटे में समाहित कर लिया। इस साल भी उतराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सोमवार की शाम चार बजे से गंगा का जलस्तर 51.50 सेमी दर्ज किया गया। साथ ही प्रति घंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट की माने तो गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहेगा। उम्मीद है कि गंगा का जलस्तर जल्द खतरा निशान 57.15 के करीब पहुंच जाएगी। स्थिति को भांपते हुए चौबेछपरा और श्रीनगर गांव के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जबकि शासन-प्रशासन और बाढ़ विभाग उदासीन बना हुआ है। ऐसे में एनएच-31 की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। क्योंकि डेंजर जोन मझौंवा, पचरूखिया में हो रहा कटानरोधी कार्य करीब तीन सप्ताह से ठप पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
दो दशक से गंगा ने तीन दर्जन गांवों को अपने पेटे में समाहित कर लिया। इस साल भी उतराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सोमवार की शाम चार बजे से गंगा का जलस्तर 51.50 सेमी दर्ज किया गया। साथ ही प्रति घंटा एक सेमी का बढ़ाव बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग गायघाट की माने तो गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहेगा। उम्मीद है कि गंगा का जलस्तर जल्द खतरा निशान 57.15 के करीब पहुंच जाएगी। स्थिति को भांपते हुए चौबेछपरा और श्रीनगर गांव के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जबकि शासन-प्रशासन और बाढ़ विभाग उदासीन बना हुआ है। ऐसे में एनएच-31 की मुश्किलें भी बढ़ सकती हैं। क्योंकि डेंजर जोन मझौंवा, पचरूखिया में हो रहा कटानरोधी कार्य करीब तीन सप्ताह से ठप पड़ा हुआ है।
विज्ञापन