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बलिया: 16 वर्ष पहले पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार 50 हजार का इनामी गिरफ्तार , बीएसएफ जवान को मिली थी उम्रकैद की सजा
Fri, 25 Jun 2021 02:47 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 25 Jun 2021 02:47 PM IST
सार
16 वर्ष पहले छह माह की पैरोल पर वाराणसी जेल से बाहरआने के बाद से फरार चल रहे जवान को बलिया पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है।
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गिरफ्तारी के लिए लगी थी एसटीएफ-एसओजी टीम
- फोटो : istock
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में पैरोल से फरार 50 हजार रुपये के इनामी को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा पा चुका है। जेल से छह माह के पैरोल पर 16 वर्ष पहले घर आया। तब से वाराणसी जेल में हाजिर नहीं हुआ। न्यायालय से कई बार नोटिस और वारंट जारी किया गया था। गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ और एसओजी की टीम लगाई गई थी।
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हल्दी थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी अनिल सिंह पुत्र शिवशंकर सिंह बीएसएफ में सिपाही के पद पर जम्मू-कश्मीर में तैनात था। तैनाती के दौरान वर्ष 1994 में अपने विंग के एचओडी की हत्या कर दी थी। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अनिल ने अपने वकील के माध्यम से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर छह माह का पैरोल मांगा था।
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हाईकोर्ट ने 12 अक्टूबर 2005 से 13 अप्रैल 2006 तक का पैरोल स्वीकृति किया था। 12 अक्टूबर 2005 को वाराणसी स्थित सेन्ट्रल जेल से आने के बाद वह पुनः हाजिर नहीं हुआ। अप्रैल 2006 से ही उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था। 15 साल से वह पुलिस के गिरफ्त में नहीं आ रहा था।
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इसी बीच शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार पान्डेय आदि ने गायघाट डाकबंगले से उसे गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने बताया कि इसकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ व एसओजी की टीम कई वर्षों से लगी थी। भगोड़े अनिल के ऊपर बलिया एसपी की तरफ से 25 हजार और वाराणसी पुलिस की ओर से 25 हजार का इनाम घोषित था।