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नवप्रवर्तकों को प्रोत्साहित करने का निर्णय
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बलिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान में जिला विज्ञान क्लब द्वारा नवप्रवर्तन जागरूकता कार्यक्रम के तहत ब्लॉक स्तरीय ग्राम प्रधानों की गोष्ठी का आयोजन चिलकहर ब्लॉक पर किया गया। गोष्ठी का उद्घाटन एलडीएम दिनेश कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसमें नव प्रवर्तकों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया।
एलडीएम ने कहा कि गोष्ठी के माध्यम से नवप्रवर्तकों को समाज के सामने आसानी से लाया जा सकता है। ग्राम स्तर पर ही जुगाड़ का नाम देकर अच्छे से अच्छे आविष्कार को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है तथा उन्हें प्रोत्साहन देने की जगह खुराफात या जुगाड़ का नाम देकर हतोत्साहित कर दिया जाता है। जिसकी वजह से एक अच्छे नवप्रवर्तक को समाज के समक्ष आने का मौका नहीं मिल पाता है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों के माध्यम से होनहार व रचनात्मक आविष्कारकों को समाज के सामने लाना है। तभी कार्यक्रम का उद्देश्य सफल होगा। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक अतुल कुमार ने कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। एडीओ अनिल कुमार चौरसिया ने कहा कि इस कार्यक्रम के सहयोग से नव प्रवर्तकों को एक नया प्लेटफार्म मिलेगा। जिससे वे अपने सपनों को साकार कर आगे बढ़ सकेंगे। नाबार्ड के डीडीएम अखिलेश कुमार झा ने बताया कि आज की गोष्ठी के द्वारा गांव स्तर पर नवप्रवर्तनों की खोज करना है। बताया कि अगले चरण में ऐसे नये-नये खोजों या खोजकर्ताओं की एक जिला स्तर पर प्रदर्शनी भी लगेगी। जिसके माध्यम से ये लोग अपने लिए एक सुनहरा मौका पा सकेगें। इस मौके पर सच्चिदानन्द चौरसिया, श्रीपति राजभर, शिवजी प्रसाद, राजनारायण सिंह, भोलानाथ यादव, संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन डॉ सुधीर कुमार सिंह ने किया।
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एलडीएम ने कहा कि गोष्ठी के माध्यम से नवप्रवर्तकों को समाज के सामने आसानी से लाया जा सकता है। ग्राम स्तर पर ही जुगाड़ का नाम देकर अच्छे से अच्छे आविष्कार को भी नजरअंदाज कर दिया जाता है तथा उन्हें प्रोत्साहन देने की जगह खुराफात या जुगाड़ का नाम देकर हतोत्साहित कर दिया जाता है। जिसकी वजह से एक अच्छे नवप्रवर्तक को समाज के समक्ष आने का मौका नहीं मिल पाता है। कार्यक्रम में ग्राम प्रधानों के माध्यम से होनहार व रचनात्मक आविष्कारकों को समाज के सामने लाना है। तभी कार्यक्रम का उद्देश्य सफल होगा। जिला विज्ञान क्लब के समन्वयक अतुल कुमार ने कार्यक्रम की रुपरेखा प्रस्तुत की। एडीओ अनिल कुमार चौरसिया ने कहा कि इस कार्यक्रम के सहयोग से नव प्रवर्तकों को एक नया प्लेटफार्म मिलेगा। जिससे वे अपने सपनों को साकार कर आगे बढ़ सकेंगे। नाबार्ड के डीडीएम अखिलेश कुमार झा ने बताया कि आज की गोष्ठी के द्वारा गांव स्तर पर नवप्रवर्तनों की खोज करना है। बताया कि अगले चरण में ऐसे नये-नये खोजों या खोजकर्ताओं की एक जिला स्तर पर प्रदर्शनी भी लगेगी। जिसके माध्यम से ये लोग अपने लिए एक सुनहरा मौका पा सकेगें। इस मौके पर सच्चिदानन्द चौरसिया, श्रीपति राजभर, शिवजी प्रसाद, राजनारायण सिंह, भोलानाथ यादव, संतोष कुमार आदि उपस्थित रहे। संचालन डॉ सुधीर कुमार सिंह ने किया।
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