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तीन माह में 60 हजार 700 दिए गए नए कनेक्शन
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:27 PM IST
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बलिया। पुराने झंझटों से छुटकारा दिलवाकर बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ कराने के उद्देश्य से भाजपा की योगी सरकार की पहल काफी हद तक कारगर साबित हुई है। लेकिन परिणाम अपेक्षानुरूप नहीं है। अर्थात वसूली से लेकर नए कनेक्शन देने, सबका पैमाना फिलहाल 50 प्रतिशत है। नई सरकार बनने के बाद सीएम के निर्देशन में बिजली विभाग ने अभियान चलाकर कुल चार करोड़ 25 लाख रुपये की वसूली की, जबकि इस अवधि में पूरे जनपद में 60 हजार 700 नए कनेक्शन दिए गए। विभागीय अधिकारियों की माने तो कैंप लगाकर वसूली तथा नए कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभाग पूरी तरह एड़ीचोटी की जोर लगा दिए है। बिजली भी ठीक-ठाक मिलने लगी है। हालांकि बैरिया, बांसडीह तथा बेल्थरारोड तहसीलों में अभी भी मंशानुरूप बिजली न मिलने की शिकायत आ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह पुराने तारों का होना बताया जा रहा है। नई सरकार बनने के बाद से जगह-जगह कैंप लगवाकर पूरे जनपद से विभाग ने अब चार करोड़ 25 लाख रुपये की वसूली की है। विभाग द्वारा अभी भी कनेक्शन देने तथा बकाया बिजली वसूलने का काम युद्धस्तर पर जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पहले से बिजली मिल रही है, जिससे लोगों में जागरूकता भी आयी है तथा कई इलाकों से तो काफी संख्या में लोग खुद विभागीय कार्यालय पहुंचकर कनेक्शन लिया है।
मंशानुरूप बिजलीपूर्ति में जर्जर तार डाल रहे रोड़ा
बलिया। फिलहाल मंशानुरूप बिजली पाना टेढ़ी खीर है। क्योंकि 60 प्रतिशत बिजली तार अभी भी दो दशक पुराना है। ऐसे में तनिक आंधी में बिजली तार टूट जाने से उस क्षेत्र में पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है।
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मीटर रीडिंग का नहीं कोई माई-बाप
बलिया। सही बिजली बिल देने में विभाग अभी फ्लॉप साबित हो रहा है। इसकी एक नहीं कई बानगी देखने को मिली। बहेरी निवासी अशोक गुजराती का मई महीने का बिल 500 रुपये था। इसके पहले अप्रैल, मार्च, फरवरी में भी बिजली बिल 400 से 500 के बीच था। लेकिन जून महीने में बिल 5000 का आ गया। इसके बाद अशोक द्वारा जब इसको लेकर विभाग के पास पहुंचे तो उन्हें विभागीय कर्मचारी उतना ही रकम जमा करने के लिए कहा। इसी प्रकार बहेरी में ही अभय खरवार के यहां बिजली बिल में हर दो तीन महीेने में दो से तीन हजार का फर्क देेखने को मिलता है।
बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग कटिबद्ध है। इस दिशा में काम भी चल रहा है। जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है। तभी जाकर हम मंशानुरूप बिजली मुहैया करा पाएंगे।
हरिशंकर, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड द्वितीय
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प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभाग पूरी तरह एड़ीचोटी की जोर लगा दिए है। बिजली भी ठीक-ठाक मिलने लगी है। हालांकि बैरिया, बांसडीह तथा बेल्थरारोड तहसीलों में अभी भी मंशानुरूप बिजली न मिलने की शिकायत आ रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह पुराने तारों का होना बताया जा रहा है। नई सरकार बनने के बाद से जगह-जगह कैंप लगवाकर पूरे जनपद से विभाग ने अब चार करोड़ 25 लाख रुपये की वसूली की है। विभाग द्वारा अभी भी कनेक्शन देने तथा बकाया बिजली वसूलने का काम युद्धस्तर पर जारी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब पहले से बिजली मिल रही है, जिससे लोगों में जागरूकता भी आयी है तथा कई इलाकों से तो काफी संख्या में लोग खुद विभागीय कार्यालय पहुंचकर कनेक्शन लिया है।
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मंशानुरूप बिजलीपूर्ति में जर्जर तार डाल रहे रोड़ा
बलिया। फिलहाल मंशानुरूप बिजली पाना टेढ़ी खीर है। क्योंकि 60 प्रतिशत बिजली तार अभी भी दो दशक पुराना है। ऐसे में तनिक आंधी में बिजली तार टूट जाने से उस क्षेत्र में पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है।
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मीटर रीडिंग का नहीं कोई माई-बाप
बलिया। सही बिजली बिल देने में विभाग अभी फ्लॉप साबित हो रहा है। इसकी एक नहीं कई बानगी देखने को मिली। बहेरी निवासी अशोक गुजराती का मई महीने का बिल 500 रुपये था। इसके पहले अप्रैल, मार्च, फरवरी में भी बिजली बिल 400 से 500 के बीच था। लेकिन जून महीने में बिल 5000 का आ गया। इसके बाद अशोक द्वारा जब इसको लेकर विभाग के पास पहुंचे तो उन्हें विभागीय कर्मचारी उतना ही रकम जमा करने के लिए कहा। इसी प्रकार बहेरी में ही अभय खरवार के यहां बिजली बिल में हर दो तीन महीेने में दो से तीन हजार का फर्क देेखने को मिलता है।
बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विभाग कटिबद्ध है। इस दिशा में काम भी चल रहा है। जनता को भी जागरूक होने की जरूरत है। तभी जाकर हम मंशानुरूप बिजली मुहैया करा पाएंगे।
हरिशंकर, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड द्वितीय