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यातायात माह में हादसों की भरमार, हर तीसरे दिन गई जान
Updated Sun, 03 Dec 2017 11:57 PM IST
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बलिया। जिले की सड़कों पर लगातार हो रहे हादसों के बाद भी प्रशासन नहीं चेत रहा है। आए दिन लोग सड़ हादसाें का शिकार हो रहे है। जबकि यातायात माह भी चल रहा है। नवंबर माह के आकड़ों पर गौर किया जाय तो 14 लोगों ने सड़क हादसे में जाने गवाई तथा 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जनपद में रसड़ा तहसील नवंबर माह में सड़क हादसे में नंबर वन पर है। जिले में 34 स्थान ऐसे चिह्नित है, जहां आए दिन किसी न किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है। बावजूद सिविल पुलिस व यातायात पुलिस के साथ ही परिवहन विभाग उदासीन बना हुआ है।
केंद्र व प्रदेश सरकार ने सड़क हादसे रोकने के लिए तमाम नियम व कानून बनाए है। लेकिन ये सभी नियम व कानून कागजों पर सिमट कर रह जाते है। पुलिस महकमा तब जगता है, जब कोई बड़ा हादसा घटित हो जाता है। यातायात विभाग के आकड़ाें पर गौर किया जाय तो नवंबर माह में कुल 24 सड़क हादसे हुए। जिसमें 14 लोगों ने अपनी जाने गवाई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आकड़ों पर गौर किया जाय तो सबसे ज्यादा एक्सीडेंटल जोन रसड़ा तथा राष्ट्रीय राज्य मार्ग-31 पर है। इसके बाद दूसरे स्थान पर उभंाव थाना अंतर्गत हुआ है। जबकि तीसरे नंबर फेफना थाना, चौथे नंबर पर सुखपुरा तथा पांचवे नंबर पर बैरिया थाना अंतर्गत हुआ है। इस प्रकार जनपद के 22 थानों में रसड़ा कोतवाली नंबर एक पायदान पर है। जिला प्रशासन व यातायात विभाग के निरंकुशता के चलते सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि यातायात विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में यातायात माह मनाया जाता है। जिसमें यातायात से संबंधित जानकारी गोष्ठी, रैली व होर्डिंग के माध्यम से आमजन को दी जाती है। लेकिन यातायात माह बाद होर्डिंग व सांकेतिक चिह्न कहां चले जाते है। इसका पता नहीं चलता। चिह्नित एक्सीडेंटल जोन पर निकटवर्ती थाना या अस्पताल का नंबर तक अंकित नहीं होता है।
इनसेट...
ये है एक्सीडेंटल जोन
बलिया। संभागीय परिवहन विभाग द्वारा माल्देपुर मोड़, दुबहर-धरनीपुर मोड़, सुघर छपरा मोड़, जीराबस्ती बाजार, गड़वार-सुखपुरा-बांसडीह चौराहा, एकवारी मोड़, गड़वार-बलिया मार्ग पर हनुमान मंदिर मोड़, त्रिकालपुर मोड़, ईसारी सलेमपुर, मालीपुर, चौकिया मोड़, उभांव थाना तिराहा को एक्सीडेंटल जोन चिह्नत किया है। इसके अलावा हल्दीरामपुर, खेजुरी-मनियर तिराहा, खड़सरा-जिगिड़सर मोड़, मैरिटार चौराहा, मिड्ढा मोड़, बैरिया मोड़, लक्ष्मणपुर बाजार चौराहा, पिपरापुर-चितबड़ागांव से आगे पुल के दोनों तरफ, नरहीं थाना के आगे बलिया की ओर दो खतरनाक मोड़, सिकंदरपुर तहसील चौराहा, भरौली गोलंबर चौराहा, कोटवा नारायणपुर, भगत सिंह तिराहा, रसड़ा रोडवेज तिराहा, रसड़ा-नगरा चौराहा नेन रेलवे क्रासिंग, प्यारे लाल चौराहा, बिलरिया मोड़, टुटवारी मोड़ को एक्सीडेंटन जोन चिह्नित किया गया है।
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इनसेट...
नए गाइड लाइन के अनुसार जिले में सात एक्सीडेंटल जोन
बलिया। सहायक संभागीय परिवहन (प्रशासन) अंजनेय सिंह ने बताया कि भारत सरकार के 2015 गाइड लाइन के अनुसार जहां तीन साल में एक ही स्थान पर 10 मौतें हुई हो। उसे एक्सीडेंटल जोन माना गया है। इस नियम के तहत इस वर्ष जिले में सात एक्सीडेंटल जोन चिह्नित किया गया है। जिसमें चौकिया मोड़, चिरईया मोड़, सोहांव, सुखपुरा चौराहा, परसिया, बलेसरा तथा रसड़ा के महतवार को एक्सीडेंटल जोन चिह्नि किया गया है। जहां पीडब्लूडी द्वारा सांकेतिक चिह्न लगाए जा रहे है। चूकि सड़कों चौड़ीकरण होना है। इसलिए कुछ स्थानों पर सांकेतिक चिह्न अभी नहीं लगे है। कहांकि भारत सरकार के 2015 मानक के अनुसार पुराने वाले चिह्नित एक्सीडेंटल जोन गलत है।
इनसेट...
सड़क हादसे के मुख्य कारण...
-तेज रफ्तार में वाहन चलाना।
-शराब पीकर वाहन चलाना।
- बिना हेलमेट का बाइक चलाना।
-यातायात नियम का पालन न करना।
-वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना।
-सड़क पर सांकेतिक चिह्न न होना।
इनसेट...
सड़क हादसे के बचाव...
-हेलमेट पहनकर बाइक चलाएं।
-शराब पीकर वाहन न चलाएं।
-गाड़ी चलाते समय मोबाइल से बात न करें।
-धीमी गति से वाहन चलाएं।
-यातायात नियम का पालन करें।
-सांकेतिक चिह्न देखकर चले।
श्रवण कुमार पांडेय
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केंद्र व प्रदेश सरकार ने सड़क हादसे रोकने के लिए तमाम नियम व कानून बनाए है। लेकिन ये सभी नियम व कानून कागजों पर सिमट कर रह जाते है। पुलिस महकमा तब जगता है, जब कोई बड़ा हादसा घटित हो जाता है। यातायात विभाग के आकड़ाें पर गौर किया जाय तो नवंबर माह में कुल 24 सड़क हादसे हुए। जिसमें 14 लोगों ने अपनी जाने गवाई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। आकड़ों पर गौर किया जाय तो सबसे ज्यादा एक्सीडेंटल जोन रसड़ा तथा राष्ट्रीय राज्य मार्ग-31 पर है। इसके बाद दूसरे स्थान पर उभंाव थाना अंतर्गत हुआ है। जबकि तीसरे नंबर फेफना थाना, चौथे नंबर पर सुखपुरा तथा पांचवे नंबर पर बैरिया थाना अंतर्गत हुआ है। इस प्रकार जनपद के 22 थानों में रसड़ा कोतवाली नंबर एक पायदान पर है। जिला प्रशासन व यातायात विभाग के निरंकुशता के चलते सड़क हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जबकि यातायात विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष नवंबर माह में यातायात माह मनाया जाता है। जिसमें यातायात से संबंधित जानकारी गोष्ठी, रैली व होर्डिंग के माध्यम से आमजन को दी जाती है। लेकिन यातायात माह बाद होर्डिंग व सांकेतिक चिह्न कहां चले जाते है। इसका पता नहीं चलता। चिह्नित एक्सीडेंटल जोन पर निकटवर्ती थाना या अस्पताल का नंबर तक अंकित नहीं होता है।
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ये है एक्सीडेंटल जोन
बलिया। संभागीय परिवहन विभाग द्वारा माल्देपुर मोड़, दुबहर-धरनीपुर मोड़, सुघर छपरा मोड़, जीराबस्ती बाजार, गड़वार-सुखपुरा-बांसडीह चौराहा, एकवारी मोड़, गड़वार-बलिया मार्ग पर हनुमान मंदिर मोड़, त्रिकालपुर मोड़, ईसारी सलेमपुर, मालीपुर, चौकिया मोड़, उभांव थाना तिराहा को एक्सीडेंटल जोन चिह्नत किया है। इसके अलावा हल्दीरामपुर, खेजुरी-मनियर तिराहा, खड़सरा-जिगिड़सर मोड़, मैरिटार चौराहा, मिड्ढा मोड़, बैरिया मोड़, लक्ष्मणपुर बाजार चौराहा, पिपरापुर-चितबड़ागांव से आगे पुल के दोनों तरफ, नरहीं थाना के आगे बलिया की ओर दो खतरनाक मोड़, सिकंदरपुर तहसील चौराहा, भरौली गोलंबर चौराहा, कोटवा नारायणपुर, भगत सिंह तिराहा, रसड़ा रोडवेज तिराहा, रसड़ा-नगरा चौराहा नेन रेलवे क्रासिंग, प्यारे लाल चौराहा, बिलरिया मोड़, टुटवारी मोड़ को एक्सीडेंटन जोन चिह्नित किया गया है।
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नए गाइड लाइन के अनुसार जिले में सात एक्सीडेंटल जोन
बलिया। सहायक संभागीय परिवहन (प्रशासन) अंजनेय सिंह ने बताया कि भारत सरकार के 2015 गाइड लाइन के अनुसार जहां तीन साल में एक ही स्थान पर 10 मौतें हुई हो। उसे एक्सीडेंटल जोन माना गया है। इस नियम के तहत इस वर्ष जिले में सात एक्सीडेंटल जोन चिह्नित किया गया है। जिसमें चौकिया मोड़, चिरईया मोड़, सोहांव, सुखपुरा चौराहा, परसिया, बलेसरा तथा रसड़ा के महतवार को एक्सीडेंटल जोन चिह्नि किया गया है। जहां पीडब्लूडी द्वारा सांकेतिक चिह्न लगाए जा रहे है। चूकि सड़कों चौड़ीकरण होना है। इसलिए कुछ स्थानों पर सांकेतिक चिह्न अभी नहीं लगे है। कहांकि भारत सरकार के 2015 मानक के अनुसार पुराने वाले चिह्नित एक्सीडेंटल जोन गलत है।
इनसेट...
सड़क हादसे के मुख्य कारण...
-तेज रफ्तार में वाहन चलाना।
-शराब पीकर वाहन चलाना।
- बिना हेलमेट का बाइक चलाना।
-यातायात नियम का पालन न करना।
-वाहन चलाते समय मोबाइल से बात करना।
-सड़क पर सांकेतिक चिह्न न होना।
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सड़क हादसे के बचाव...
-हेलमेट पहनकर बाइक चलाएं।
-शराब पीकर वाहन न चलाएं।
-गाड़ी चलाते समय मोबाइल से बात न करें।
-धीमी गति से वाहन चलाएं।
-यातायात नियम का पालन करें।
-सांकेतिक चिह्न देखकर चले।
श्रवण कुमार पांडेय