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Ballia News: 22 और एंबुलेंस जल्द आएंगी, 30 सेकंड में स्टार्ट होने से सुधरेगा रिस्पांस टाइम
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बलिया। जनपद में 108 व 102 की 76 से अधिक एंबुलेंस का संचालन होता है। इसमें सभी एंबुलेंस काफी पुरानी हो चुकी थी। 27 एंबुलेंस को हटाकर नई एंबुलेंस बेड़ में शामिल हो गई हैं। ताकि मरीजों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो। अभी 22 एंबुलेंस आने वाली है। जिसके बाद अधिकतर एंबुलेंस नई हो जाएगी। जिससे रिस्पांस टाइम के सुधार के साथ मरीजों को बेहतर सुविधा मिलेगी। पुरानी गाड़ी को काल आने पर स्टार्ट करने में दो से तीन मिनट लग जाता है। वहीं नई एंबुलेंस मात्र 30 सेकंड में चालू हो जाती हैं। नई एंबुलेंस में एसी, दवा कीट व ऑक्सीजन से लैस हैं। हीटवेव में एसी के अभाव में पिछली बार ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज पुरानी एंबुलेंस में दम तोड़ दे रहे थे।
जिले में अभी 22 एंबुलेंस अपनी निर्धारित यात्रा पुरी कर चुकी है और मियाद भी पूरी होने पर उन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है। पुरानी एंबुलेंस में दवा का अभाव, एसी खराब, टायर खराब जैसी कई परेशानी है। मरीज के फोन पर आने पर स्टार्टिंग की परेशानी के कारण ये रोगियों को लेने के लिए मौके पर जल्दी पहुंचने की बजाय कई बार एक-एक घंटे देरी से पहुंचती हैं। इस वजह से रेफर होने वाले रोगियों को प्राइवेट एंबुलेंस या निजी साधन का सहारा लेना पड़ता है।
स्वास्थ्य विभाग में 108 नंबर की कुल 38 और 102 नंबर की 38 एंबुलेंस हैं। जिले में इनका संचालन निजी कंपनी करती है। इसके एवज में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंपनी को भुगतान किया जाता है। शासन से इन गाड़ियों को लगभग दो लाख किलोमीटर चलाकर बदलने के आदेश हैं। कर्मचारियों की माने तो पुरानी 49 एंबुलेंस तय मानक से बहुत अधिक चल गई थीं।
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जिले में 108 व 102 बेड़े में चलने वाली पुरानी गाड़िया काफी निर्धारित मानक पूरा कर चुकी थीं। शासन को पूर्व में बदलने के लिए पत्र दिया गया था। जिस पर अभी 27 नई एंबुलेंस आई हैं, 22 और आने वाली हैं। एंबुलेंस के बेड़े में सभी गाड़िया नई होने से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। हीटवेव में नई एंबुलेंस काफी कारगर साबित होगी। -डॉ. विजय यादव, प्रभारी सीएमओ।
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जिले में अभी 22 एंबुलेंस अपनी निर्धारित यात्रा पुरी कर चुकी है और मियाद भी पूरी होने पर उन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है। पुरानी एंबुलेंस में दवा का अभाव, एसी खराब, टायर खराब जैसी कई परेशानी है। मरीज के फोन पर आने पर स्टार्टिंग की परेशानी के कारण ये रोगियों को लेने के लिए मौके पर जल्दी पहुंचने की बजाय कई बार एक-एक घंटे देरी से पहुंचती हैं। इस वजह से रेफर होने वाले रोगियों को प्राइवेट एंबुलेंस या निजी साधन का सहारा लेना पड़ता है।
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स्वास्थ्य विभाग में 108 नंबर की कुल 38 और 102 नंबर की 38 एंबुलेंस हैं। जिले में इनका संचालन निजी कंपनी करती है। इसके एवज में स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंपनी को भुगतान किया जाता है। शासन से इन गाड़ियों को लगभग दो लाख किलोमीटर चलाकर बदलने के आदेश हैं। कर्मचारियों की माने तो पुरानी 49 एंबुलेंस तय मानक से बहुत अधिक चल गई थीं।
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जिले में 108 व 102 बेड़े में चलने वाली पुरानी गाड़िया काफी निर्धारित मानक पूरा कर चुकी थीं। शासन को पूर्व में बदलने के लिए पत्र दिया गया था। जिस पर अभी 27 नई एंबुलेंस आई हैं, 22 और आने वाली हैं। एंबुलेंस के बेड़े में सभी गाड़िया नई होने से मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी। हीटवेव में नई एंबुलेंस काफी कारगर साबित होगी। -डॉ. विजय यादव, प्रभारी सीएमओ।