फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   स्कूलों में शिक्षकों का टोटा, इसलिए नकल पर भरोसा

स्कूलों में शिक्षकों का टोटा, इसलिए नकल पर भरोसा

Fri, 06 Oct 2017 11:07 PM IST
Updated Fri, 06 Oct 2017 11:07 PM IST
विज्ञापन
स्कूलों में शिक्षकों का टोटा, इसलिए नकल पर भरोसा
बैरिया। जहां एक ओर प्रदेश सरकार बोर्ड परीक्षा नकल विहीन कराने की बात कह रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के हाई स्कूल इंटर मीडिएट कॉलेजो में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान सहित मुख्य विषयों की शिक्षक ही नहीं है।
विज्ञापन

क्षेत्र में कई ऐसे भी इंटरमीडिएट कॉलेज सिर्फ एक प्रवक्ता के बदौलत संचालित हो रहा है। ऐसे में छात्र -छात्राओं का पाठ्यक्रम कैसे पूरा होता होगा, इसका अंदाजा कोई भी लगा सकता है। हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं ने बताया कि विद्यालयों में एक भी विषयों का चौथाई भाग भी अब तक पढ़ाया नहीं गया है। बानगी स्वरूप श्री सुदिष्ट बाबा इंटर कालेज रानीगंज में नौवीं, दशवीं का 1200 छात्र-छात्राएं, ग्यारहवीं व बारहवीं का 1100 छात्र-छात्राओं को मिलाकर कुल 2300 छात्र-छात्राएं हैं। इनके शिक्षण कार्य के लिए 12 पद हैं, लेकिन एक इतिहास के प्रवक्ता ही नियुक्त हैं। विज्ञान वर्ग में तो एक भी अध्यापक नहीं नहीं हैं। जबकि सहायक अध्यापक के लिए 23 पद हैं। इसके सापेक्ष खेल व कला विषयों के लिए सिर्फ चार सहायक अध्यापक नियुक्त किए गए हैं। यही नहीं क्लर्क का तीन पद के स्थान पर एक, चतुर्थ क्षेणी 13 पद के स्थान पर चार की नियुक्ति है। इस बाबत प्रधानाचार्य अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि हम कर भी क्या सकते हैं। शिक्षकों की कमी केवल उनके ही कॉलेज में नहीं सभी कॉलेजों में हैं। मुख्य विषयों का शिक्षक तो किसी भी हाई स्कूल व इंटर कालेजों में नही हैं, जैसे-तैसे शिक्षण कार्य कराया जाता है। जबकि अभिभावकों का कहना है कि किसी मायने में नकल की वकालत तो नहीं की जा सकती है। लेकिन नकल रोकने से पहले सरकार को शिक्षकों की कमी को पूरा करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed