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आशाओं का धरना दूसरे दिन भी जारी
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बलिया। मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ एवं आशा कर्मचारी यूनियन संघ के संयुक्त तत्वावधान में जिला चिकित्सालय परिसर स्थित सीएमओ कार्यालय पर चल रहा आंदोलन दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। चेताया कि अगर आशा बहुओं व आशा संगीनियों के पावनों का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया तो राष्ट्रीय कार्यक्रमों को बाधित करते हुए क्रमिक अनशन करने के लिए बाध्य होंगे।
धरने को संबोधित करती हुई परिषद की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने जिले सभी प्रभारी चिकित्सा प्रभारी, बीसीपीएम एवं बीपीएम को चेताया कि अगर आशा संगीनियों व आशा बहुओं के पावनों का भुगतान अविलंब नहीं किया गया तो राष्ट्रीय कार्यक्रम को पूरी तरह बाधित कर दिया जाएगा। वहीं महिला स्वास्थ्य कर्मियों को दबाव बनाकर कमजोर करने की कोशिश की गई तो जिले की समस्त स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर जिला प्रशासन के विरुद्ध क्रमिक अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। आशा कर्मचारी यूनियन के जिला संरक्षक सुशील त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी सदस्य को घबराने व धमकियों से डरने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी शक्तियों से संगठन निबटना जानता है। सीएमओ को संगठन की मांगों को हरहाल में पूरा करना होगा।
प्राशिसं के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो जनपद के सभी अध्यापक स्कूलों को बंद कर धरना में शामिल होंगे। इस दौरान निर्णय लिया गया कि शनिवार को टीकाकरण नहीं किया जाएगा। इस मौके पर मीरा सिंह, उर्मिला तिवारी, लिलावती सिंह, कमल कुमारी, माधुरी ओझा, मीना सिंह, रिंकू सिंह, मिथिलेश शर्मा, सुमित्रा देवी, पूनम राय, कुसुम देवी, नीतू सिंह, सुमन राय सहित सैकड़ों महिला स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रही।
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धरने को संबोधित करती हुई परिषद की जिलाध्यक्ष सत्या सिंह ने जिले सभी प्रभारी चिकित्सा प्रभारी, बीसीपीएम एवं बीपीएम को चेताया कि अगर आशा संगीनियों व आशा बहुओं के पावनों का भुगतान अविलंब नहीं किया गया तो राष्ट्रीय कार्यक्रम को पूरी तरह बाधित कर दिया जाएगा। वहीं महिला स्वास्थ्य कर्मियों को दबाव बनाकर कमजोर करने की कोशिश की गई तो जिले की समस्त स्वास्थ्य सेवाओं को ठप कर जिला प्रशासन के विरुद्ध क्रमिक अनशन करने के लिए बाध्य होंगे। आशा कर्मचारी यूनियन के जिला संरक्षक सुशील त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी सदस्य को घबराने व धमकियों से डरने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी शक्तियों से संगठन निबटना जानता है। सीएमओ को संगठन की मांगों को हरहाल में पूरा करना होगा।
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प्राशिसं के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि अगर आवश्यकता पड़ी तो जनपद के सभी अध्यापक स्कूलों को बंद कर धरना में शामिल होंगे। इस दौरान निर्णय लिया गया कि शनिवार को टीकाकरण नहीं किया जाएगा। इस मौके पर मीरा सिंह, उर्मिला तिवारी, लिलावती सिंह, कमल कुमारी, माधुरी ओझा, मीना सिंह, रिंकू सिंह, मिथिलेश शर्मा, सुमित्रा देवी, पूनम राय, कुसुम देवी, नीतू सिंह, सुमन राय सहित सैकड़ों महिला स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रही।
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