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आज ही आपात काल की हुई थी घोषण
Updated Sun, 25 Jun 2017 11:47 PM IST
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बलिया। लोकतंत्र रक्षक सेनानी जेपी आंदोलन के तत्वावधान में रविवार को शहीद पार्क चौक में काला दिवस मनाया। इस दौरान लोकतंत्र रक्षक सेनानियों ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर लोहिया, जयप्रकाश अमर रहे, भगत सिंह, चंद्रशेखर, राजगुरु अमर रहे के नारा लगाया।
जेपी विचार मंच के संयोजक द्विजेंद्र मिश्र ने कहा कि 25 जून 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपात काल की घोषणा की थी। देश के सभी विरोधी दल के लोगों को जेल में बंद किया जा रहा था। लोकबंधु राजनारायण के रिट पर श्रीमती गांधी चुनाव हार गई और उच्च न्यायालय न्यायाधीश जगमोहन सिन्हा ने इन्हें अगले छह साल के अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद इंदिरा गांधी को तत्काल त्याग पत्र देना पड़ा। वह अगले दो चुनाव नहीं लड़ सकीं। राजनारायण सहित जयप्रकाश नारायण, पीलू मोदी, चंद्रशेखर, मधुलिमये, रविरे को जेलों में बंद कर दिया गया।
आपात काल डेढ़ वर्ष तक चला और जनता पार्टी के आने के बाद ही वर्ष 1977 में संकट काल खत्म हुआ। इसीक्रम में अंजनी पांडेय ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अपने को काबू रहना होगा, नहीं तो लोकतंत्र के लिए अभिशाप बन सकता है। इस मौके पर सुभ्रांशु शेखर पांडेय, देवेंद्र तिवारी, संतोष कुमार शुक्ला, सुशील पांडेय, धनराज सिंह, अशोक राय, राजेश कुमार, अशोक सिंह, गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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जेपी विचार मंच के संयोजक द्विजेंद्र मिश्र ने कहा कि 25 जून 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी ने आपात काल की घोषणा की थी। देश के सभी विरोधी दल के लोगों को जेल में बंद किया जा रहा था। लोकबंधु राजनारायण के रिट पर श्रीमती गांधी चुनाव हार गई और उच्च न्यायालय न्यायाधीश जगमोहन सिन्हा ने इन्हें अगले छह साल के अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद इंदिरा गांधी को तत्काल त्याग पत्र देना पड़ा। वह अगले दो चुनाव नहीं लड़ सकीं। राजनारायण सहित जयप्रकाश नारायण, पीलू मोदी, चंद्रशेखर, मधुलिमये, रविरे को जेलों में बंद कर दिया गया।
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आपात काल डेढ़ वर्ष तक चला और जनता पार्टी के आने के बाद ही वर्ष 1977 में संकट काल खत्म हुआ। इसीक्रम में अंजनी पांडेय ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को अपने को काबू रहना होगा, नहीं तो लोकतंत्र के लिए अभिशाप बन सकता है। इस मौके पर सुभ्रांशु शेखर पांडेय, देवेंद्र तिवारी, संतोष कुमार शुक्ला, सुशील पांडेय, धनराज सिंह, अशोक राय, राजेश कुमार, अशोक सिंह, गोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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