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भोजपुरी के शेक्सपीयर थे भिखारी ठाकुर
Updated Mon, 18 Dec 2017 10:41 PM IST
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बलिया। अखिल भारतीय विकास संस्कृति साहित्य परिषद की ओर से भिखारी ठाकुर की 130वीं जयंती का आयोजन परिषद आनंद नगर स्थित कार्यालय पर किया गया। सुदेश्वर अनाम ने कहा कि भिखारी ठाकुर जैसे विरले ही कलाकार पैदा होते हैं। डॉ. फतेहचंद बेचैन ने कहा कि स्व. ठाकुर भोजपुरी के शेक्सपीयर थे और उन्होंने भोजपुरी के माध्यम से लोकविधाओं को समाज के सामने रखा। इस मौके पर डा. वृजेश सिंह, डा. आदित्य कुमार अंशु, नवचंद्र तिवारी, डॉ. सुनील कुमार ओझा, डॉ. दिनेश ठाकुर, डॉ. संतोष कुमार गुप्त, राधिका तिवारी, बेचू राम कैलाशी, अब्दुल कैश तारविद, बीएन शर्मा मृदुल आदि थे।
उधर, प्रगतिशील भोजपुरी समाज के तत्वाधान में निराला नगर स्थित कैंप कार्यालय पर सोमवार को भिखारी ठाकुर की जयंती सद्भाव व संकल्प दिवस के तौर पर मनाई गई। वक्ताओं ने स्व. ठाकुर के व्यक्तित्व को सरल, सहज व सौम्य बताया। कहा कि वह लोकविधाओं में सराबोर रहने वाले व्यक्ति थे। स्व. ठाकुर भोजपुरी के शेक्सपीयर थे और भोजपुरी की गौरवशाली महान परंपरा के पोषक थे। इस मौके पर डॉ. रामगोविंद प्रजापति, विजय बहादुर तिवारी, विजय बहादुर यादव, झारखंडे राय, डॉ. हरगोविंद राय, रविंद्र यादव, ओमप्रकाश, उदय नारायण सिंह, ब्रह्माशंकर सिंह, डॉ. विजय बहादुर आदि थे।
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उधर, प्रगतिशील भोजपुरी समाज के तत्वाधान में निराला नगर स्थित कैंप कार्यालय पर सोमवार को भिखारी ठाकुर की जयंती सद्भाव व संकल्प दिवस के तौर पर मनाई गई। वक्ताओं ने स्व. ठाकुर के व्यक्तित्व को सरल, सहज व सौम्य बताया। कहा कि वह लोकविधाओं में सराबोर रहने वाले व्यक्ति थे। स्व. ठाकुर भोजपुरी के शेक्सपीयर थे और भोजपुरी की गौरवशाली महान परंपरा के पोषक थे। इस मौके पर डॉ. रामगोविंद प्रजापति, विजय बहादुर तिवारी, विजय बहादुर यादव, झारखंडे राय, डॉ. हरगोविंद राय, रविंद्र यादव, ओमप्रकाश, उदय नारायण सिंह, ब्रह्माशंकर सिंह, डॉ. विजय बहादुर आदि थे।
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