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स्वास्थ्य विभाग में करोड़ों की वितीय अनियमितताओं में कार्रवाई तय
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:19 PM IST
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बलिया। जनपद के स्वास्थ्य विभाग में लगातार कई सालों तक वित्तीय अनियमितताओं समेत कई गड़बडिय़ां की गईं। सिविल कोर्ट के अधिवक्ता मनोज तिवारी की ओर से आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में इसका खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक ने माना है कि ऑडिट में मिली वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और कार्रवाई भी शासन स्तर से ही होनी है।
सूचना अधिकार के तहत तिवारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक कार्यालय से जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2009-10 से वर्ष 2015-16 के बीच हुई वित्तीय अनियमितताओं तथा अन्य गड़बडिय़ों के बाबत जानकारी मांगी थी। यह भी जानकारी मांगी थी कि किस तरह की जांच कराई कराई गई, कब-कब और किस तरह की अनियमितता जांच में मिली और क्या कार्रवाई की गई। मिशन निदेशक की ओर से दी गई सूचना में यह बताया गया है कि बलिया में एनएचएम के तहत वर्ष 2009-10 से वर्ष 2015-16 के बीच की गई वित्तीय अनियमितता की जांच नरेन्द्र प्रसाद प्रबंधक वित्त तथा ऑडिट आफिसर विकास कुंवर की ओर से की गई। बताया कि जांच में करीब तीन करोड़ पांच लाख 85 हजार 952 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
बतौर उदाहरण वर्ष 2014-15 में सीएमओ कार्यालय में आरसीएस फ्लैक्सी पूल कार्यक्रम में एनएचएम के दिशा निर्देशों के विपरीत 16 लाख 20 हजार 723 रुपए का नगद भुगतान बियरर चेक के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा सीएमओ के आरसीएस खाते से मिशन खाते में एनएचएम के दिशा निर्देशों के विपरीत 73 लाख 64 हजार का हस्तांतरण किया गया है। सीएमओ कार्यालय में मिशन फ्लैक्सीपूल कार्यक्रम में एनएचएम के नियमों के विपरीत 14 लाख 17 हजार 426 रुपए का नगद भुगतान बियरर चेक के माध्यम से किया गया है। मिशन निदेशक की ओर से जांच में मिली अनियमितताओं की पूरी सूची उपलब्ध कराते हुए बताया है कि रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव को भेजा गया है और कार्रवाई शासन स्तर से ही की जानी है।
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सूचना अधिकार के तहत तिवारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक कार्यालय से जिले के स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 2009-10 से वर्ष 2015-16 के बीच हुई वित्तीय अनियमितताओं तथा अन्य गड़बडिय़ों के बाबत जानकारी मांगी थी। यह भी जानकारी मांगी थी कि किस तरह की जांच कराई कराई गई, कब-कब और किस तरह की अनियमितता जांच में मिली और क्या कार्रवाई की गई। मिशन निदेशक की ओर से दी गई सूचना में यह बताया गया है कि बलिया में एनएचएम के तहत वर्ष 2009-10 से वर्ष 2015-16 के बीच की गई वित्तीय अनियमितता की जांच नरेन्द्र प्रसाद प्रबंधक वित्त तथा ऑडिट आफिसर विकास कुंवर की ओर से की गई। बताया कि जांच में करीब तीन करोड़ पांच लाख 85 हजार 952 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।
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बतौर उदाहरण वर्ष 2014-15 में सीएमओ कार्यालय में आरसीएस फ्लैक्सी पूल कार्यक्रम में एनएचएम के दिशा निर्देशों के विपरीत 16 लाख 20 हजार 723 रुपए का नगद भुगतान बियरर चेक के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा सीएमओ के आरसीएस खाते से मिशन खाते में एनएचएम के दिशा निर्देशों के विपरीत 73 लाख 64 हजार का हस्तांतरण किया गया है। सीएमओ कार्यालय में मिशन फ्लैक्सीपूल कार्यक्रम में एनएचएम के नियमों के विपरीत 14 लाख 17 हजार 426 रुपए का नगद भुगतान बियरर चेक के माध्यम से किया गया है। मिशन निदेशक की ओर से जांच में मिली अनियमितताओं की पूरी सूची उपलब्ध कराते हुए बताया है कि रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के प्रमुख सचिव को भेजा गया है और कार्रवाई शासन स्तर से ही की जानी है।
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