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संवैधानिक पद पर रहते हुए हिंसा संविधान का अपमान: रामइकबाल
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बलिया। भाजपा जिला कार्यसमिति के सदस्य विनोद तिवारी पर जिलाधिकारी द्वारा किया गया हिंसक हमला जानबूझकर उठाया गया कदम है। यह लोकतंत्र के खिलाफ है। संवैधानिक पद पर रहते हुए हिंसा करना संविधान का अपमान करना है। यह बातें नगर के एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा के पूर्व चिलकहर विधायक रामइकबाल सिंह ने गुरुवार को कही।
उन्होंने कहा कि भाजना नेता को अपने आवास पर बुलाकर पीटा गया। जबकि तिवारी से जिलाधिकारी भाजपा नेता के रुप में परिचित थे। इसके बाद भी जानबूझ कर उन्हे 151 में गिरफ्तार करवाकर जेल भेजवाया। इस प्रकरण में तहसीलदार से दो दिन बाद एक फर्जी मुकदमा तैयार कराया गया। जबकि इस प्रकरण में तहसीलदार पूरी तरह से अनभिज्ञ थे। पूर्व विधायक सिंह ने कहा कि इस प्रकरण में जिलाधिकारी के खिलाफ मुुकदमा दर्ज कराने के लिए भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल 10 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक से मिलकर तहरीर भी दिया लेकिन पुलिस प्रशासन को सांप सूंघ गया है।
पुलिस प्रशासन जिलाधिकारी की हां में हां मिलाने लगा है। भाजपा नेता विनोद तिवारी दो माह बाद जेल से रिहा हुए है। इस प्रकरण से सरकार में एक बेलगाम लोकतंत्र विरोधी अधिकारी की मानसिकता ने भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया है। इस प्रकरण को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक बुधवार को की गई। इसमें निर्णय लिया गया है कि जिलाधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाय। यह भी निर्णय लिया गया है कि तहसीलदार द्वारा दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे की न्यायिक जांच कराकर उनके बर्खास्तगी की मांग की जाय। इसके साथ सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ तथा डिप्टी सीएम से मिलकर डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि भाजना नेता को अपने आवास पर बुलाकर पीटा गया। जबकि तिवारी से जिलाधिकारी भाजपा नेता के रुप में परिचित थे। इसके बाद भी जानबूझ कर उन्हे 151 में गिरफ्तार करवाकर जेल भेजवाया। इस प्रकरण में तहसीलदार से दो दिन बाद एक फर्जी मुकदमा तैयार कराया गया। जबकि इस प्रकरण में तहसीलदार पूरी तरह से अनभिज्ञ थे। पूर्व विधायक सिंह ने कहा कि इस प्रकरण में जिलाधिकारी के खिलाफ मुुकदमा दर्ज कराने के लिए भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल 10 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक से मिलकर तहरीर भी दिया लेकिन पुलिस प्रशासन को सांप सूंघ गया है।
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पुलिस प्रशासन जिलाधिकारी की हां में हां मिलाने लगा है। भाजपा नेता विनोद तिवारी दो माह बाद जेल से रिहा हुए है। इस प्रकरण से सरकार में एक बेलगाम लोकतंत्र विरोधी अधिकारी की मानसिकता ने भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया है। इस प्रकरण को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक बुधवार को की गई। इसमें निर्णय लिया गया है कि जिलाधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाय। यह भी निर्णय लिया गया है कि तहसीलदार द्वारा दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे की न्यायिक जांच कराकर उनके बर्खास्तगी की मांग की जाय। इसके साथ सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ तथा डिप्टी सीएम से मिलकर डीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया जाएगा।
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