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बूंदाबादी से ठंड में इजाफा, बढ़ी परेशानी
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बलिया। एक दिन घने कोहरे के बाद रविवार की रात में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी के बाद ठंड में इजाफा हो गया है। आलम यह रहा कि देर रात में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। सुबह कोहरे के साथ ठंड बढ़ने के चलते स्कूली बच्चों को काफी फजीहतें उठानी पड़ी। बारिश से भले ही ठंड में इजाफा हो गया लेकिन इससे किसानों के चेहरे खिल गए। किसानों ने इसे गेंहू और दलहनी फसलों के लिए संजीवनी बताया है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी कहा कि कुछ और बारिश हो जाती तो रबी की फसलों के लिए अच्छा होता।
कड़ाके की ठंड के साथ शनिवार घने कोहरे के चलते आमजनजीवन परेशान रहा। रविवार की शाम को तेज हवाओं के साथ आसमान में बादलों ने अठखेलियां शुरु कर दिया। रात में करीब 11 बजे के बाद गरज-तड़प के साथ बूंदाबादी शुरु हो गई। जो रात भर रुक रुक कर चलती रही। जिसके चलते माहौल गलनयुक्त हो गया। सुबह भी घने कोहरे की चादर तनी रही। सुबह में स्कूल जाने के समय बूंदा-बादी शुरु होने के चलते बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का समाना करना पड़ा। इसके चलते नगर में जगह-जगह कीचड़ हो गया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि किसान खेती के लिए इसे लाभकारी बता रहे हैं। किसानों की मानें तो बारिश से गेंहू और दलहनी फसलों को संजीवनी मिलेगी। बताया कि पिछले कई माह से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी है और सिंचाई करते ही खेत सूख जा रहे हैं। वहीं ठंड को देखते हुए बच्चों को लोग स्कूल भेजने में भी कसमकश में दिखे। घने कोहरे के चलते वाहन चालक अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलते रहे। घने कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। तानपुर और लखनऊ से आने वाली रोडवेज की बसें अपने निर्धारित समय से करीब दो से तीन घंटे बिलंब से जिला मुख्यालय पहुंची। उधर, नगर में अलाव न जलने के चलते रोडवेज और रेल यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह में दोपहर बाद आसमान में भगवान भाष्कर का दर्शन पाकर लोगों ने राहत की सांस ली। फिर शाम को गलन बढ़ गई। हालांकि नगर में कई सार्वजनिक स्थानों पर अलाव देखने पतक को नहीं मिला। ऐसे में लोग ठंड से सिकुड़ते नजर आए।
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कड़ाके की ठंड के साथ शनिवार घने कोहरे के चलते आमजनजीवन परेशान रहा। रविवार की शाम को तेज हवाओं के साथ आसमान में बादलों ने अठखेलियां शुरु कर दिया। रात में करीब 11 बजे के बाद गरज-तड़प के साथ बूंदाबादी शुरु हो गई। जो रात भर रुक रुक कर चलती रही। जिसके चलते माहौल गलनयुक्त हो गया। सुबह भी घने कोहरे की चादर तनी रही। सुबह में स्कूल जाने के समय बूंदा-बादी शुरु होने के चलते बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का समाना करना पड़ा। इसके चलते नगर में जगह-जगह कीचड़ हो गया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि किसान खेती के लिए इसे लाभकारी बता रहे हैं। किसानों की मानें तो बारिश से गेंहू और दलहनी फसलों को संजीवनी मिलेगी। बताया कि पिछले कई माह से बारिश नहीं होने के कारण खेतों में नमी है और सिंचाई करते ही खेत सूख जा रहे हैं। वहीं ठंड को देखते हुए बच्चों को लोग स्कूल भेजने में भी कसमकश में दिखे। घने कोहरे के चलते वाहन चालक अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलते रहे। घने कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। तानपुर और लखनऊ से आने वाली रोडवेज की बसें अपने निर्धारित समय से करीब दो से तीन घंटे बिलंब से जिला मुख्यालय पहुंची। उधर, नगर में अलाव न जलने के चलते रोडवेज और रेल यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह में दोपहर बाद आसमान में भगवान भाष्कर का दर्शन पाकर लोगों ने राहत की सांस ली। फिर शाम को गलन बढ़ गई। हालांकि नगर में कई सार्वजनिक स्थानों पर अलाव देखने पतक को नहीं मिला। ऐसे में लोग ठंड से सिकुड़ते नजर आए।
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