{"_id":"5bf6f7d8bdec22419f5c19e8","slug":"151542911960-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सजकर मीना बाजार तैयार,उमड़ी भीड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सजकर मीना बाजार तैयार,उमड़ी भीड़
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
बलिया। महर्षि भृगु मंदिर के तपोस्थली पर उनके शिष्य दर्दर मुनि के नाम पर लगने वाले ददरी मेले की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। दूर-दराज से आए दुकानदार अपनी दुकानों को सजाने में पूरे दिन लगे रहे। इसके अलावा झूला, चर्खी, ब्रेक डांस, मौत का कुआं, सर्कस के संचालक तथा उनके मजदूर पूरे दिन तैयार में लगे रहे।
गुरुवार की रात व शुक्रवार की भोर में लोग गंगा में स्नान करने के बाद ददरी मेले में घूमने पहुंचेंगे और सामानों की खरीददारी करेंगे। ददरी मेला का मीना बाजार में जिले के साथ ही गैर जनपद और गैर प्रांतों की दुुकानें आ चुकी हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी खजला, चूड़ी, क्राकरी, सौंदर्य प्रसाधन, चप्पल-जूता, हर एक माल, होजरी, हैंडलूम, खादी आश्रम सहित अन्य वस्तुओं की दुकानें सजकर तैयार हो गई है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद, कोलकाता, झारखंड, मेरठ, लुधियाना सहित अन्य स्थानों से आए दुकानदार भी अपनी दुकान सजाने में पूरे दिन लगे रहे। मेले में होने वाले व्यवसाय को लेकर व्यापारी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
ऐतिहासिक ददरी मेला का नंदीग्राम पशु मेला धीरे-धीरे अपने परवान पर चढ़ता जा रहा है। मेले में कई प्रांतों के व्यापारी अपने पशु लेकर पहुंच गए है। इसमें बिहार प्रांत से आए एक किसान का मुर्रा प्रजाति की भैंस आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस भैंस में खास बात यह है कि यह एक दिन में दोनों समय मिलाकर कुल 40 लीटर दूध देती है। इसके अलावा मेले में अन्य प्रजाति की भैंस भी आई हुई है।
विज्ञापन
एकादशी पर्व के बाद से गाय व भैंस के साथ ही घोड़े-घोड़ी, गदहा, खच्चर आदि का मेला लग जाता है। नंदीग्राम पशु मेले में बिहार प्रांत के बक्सर जनपद के सेमरी थाना क्षेत्र के चकनी गांव निवासी विजय यादव अपनी भैंस को लेकर नंदीग्राम पशु मेले में आए हुए है। उन्होंने बताया कि यह भैंस मुर्रा प्रजाति की है। जो यूपी तथा बिहार में इस प्रजाति की भैंस नहीं मिलती है। हम वर्ष 2017 में हरियाणा पड़िया के रुप में 47 हजार रुपये में खरीदकर लाए थे। जो एक टाइम 20 से 22 लीटर तक दूध देती है। इसकी कीमत 13 लाख रुपये है।
विज्ञापन
गुरुवार की रात व शुक्रवार की भोर में लोग गंगा में स्नान करने के बाद ददरी मेले में घूमने पहुंचेंगे और सामानों की खरीददारी करेंगे। ददरी मेला का मीना बाजार में जिले के साथ ही गैर जनपद और गैर प्रांतों की दुुकानें आ चुकी हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी खजला, चूड़ी, क्राकरी, सौंदर्य प्रसाधन, चप्पल-जूता, हर एक माल, होजरी, हैंडलूम, खादी आश्रम सहित अन्य वस्तुओं की दुकानें सजकर तैयार हो गई है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, फैजाबाद, कोलकाता, झारखंड, मेरठ, लुधियाना सहित अन्य स्थानों से आए दुकानदार भी अपनी दुकान सजाने में पूरे दिन लगे रहे। मेले में होने वाले व्यवसाय को लेकर व्यापारी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन
ऐतिहासिक ददरी मेला का नंदीग्राम पशु मेला धीरे-धीरे अपने परवान पर चढ़ता जा रहा है। मेले में कई प्रांतों के व्यापारी अपने पशु लेकर पहुंच गए है। इसमें बिहार प्रांत से आए एक किसान का मुर्रा प्रजाति की भैंस आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इस भैंस में खास बात यह है कि यह एक दिन में दोनों समय मिलाकर कुल 40 लीटर दूध देती है। इसके अलावा मेले में अन्य प्रजाति की भैंस भी आई हुई है।
विज्ञापन
एकादशी पर्व के बाद से गाय व भैंस के साथ ही घोड़े-घोड़ी, गदहा, खच्चर आदि का मेला लग जाता है। नंदीग्राम पशु मेले में बिहार प्रांत के बक्सर जनपद के सेमरी थाना क्षेत्र के चकनी गांव निवासी विजय यादव अपनी भैंस को लेकर नंदीग्राम पशु मेले में आए हुए है। उन्होंने बताया कि यह भैंस मुर्रा प्रजाति की है। जो यूपी तथा बिहार में इस प्रजाति की भैंस नहीं मिलती है। हम वर्ष 2017 में हरियाणा पड़िया के रुप में 47 हजार रुपये में खरीदकर लाए थे। जो एक टाइम 20 से 22 लीटर तक दूध देती है। इसकी कीमत 13 लाख रुपये है।