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Ballia News: 15000 भूमिहीन और 7.5 हजार मुर्दे ले रहे थे किसान सम्मान निधि का लाभ
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बलिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि ले रहे अपात्रों के मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आधार कार्ड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इनमें जहां 15009 भूमिहीन किसान बनकर सम्मान निधि ले रहे थे। वहीं, 7.5 हजार मुर्दो को भी इसका लाभ मिल रहा था।
इतना ही नहीं, करीब 5.5 हजार आयकरदाता भी किसान बनकर सरकार की योजना का बेजा लाभ ले रहे थे। इसकी जानकारी होने के बाद विभाग अब उनसे सम्मान निधि की राशि की रिकवरी कराने की कवायद में जुटा है। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर 4.5 लाख किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें पहले कराए गए सत्यापन में 5.5 हजार अपात्र मिले। इसके बाद, भूमिहीन, आयकरदाता सरकारी नौकरी, पेंशनर, अधिवक्ता, पति-पत्नी व मृतक अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के बाद विभाग उनसे रिकवरी ही कर रहा था।
इसी दौरान शासन ने सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसानों के भूलेख और आधार कार्ड के सत्यापन का आदेश दिए। इसे लेकर जिले में कृषि विभाग और राजस्व के कर्मचारियों को लगाकर इसकी जांच कराई गई। विभागीय और राजस्व विभाग की टीम के सत्यापन में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार की जांच में जहां 15009 भूमिहीन किसान बनकर सम्मान निधि ले रहे थे। वहीं, 7.5 हजार मुर्दे भी इसका लाभ ले रहे थे। इतना ही नहीं, 37 पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ लेते मिले। हालांकि जांच पूरी होने के बाद असल तस्वीर सामने आएगी। मगर, अब तक जो अपात्र मिले हैं, विभाग उनसे सम्मान निधि की रकम रिकवरी कराने की तैयारी कर रहा है।
आयकर दाताओं से 3.30 करोड़ की होगी रिकवरी
प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ ले रहे 5.5 हजार किसान आयकर दाता मिले हैं। इनसे विभाग तीन करोड़ तीस लाख रुपये की रिकवरी करने में जुटा है। ऐसे में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर आयकर दाताओं के खाते से सम्मान निधि की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए है।
उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया कि आधार कार्ड की जांच में लगातार अपात्र मिल रहे हैं। इनमें भूमिहीन, मृतक व पति-पत्नी के साथ पेंशनर भी शामिल हैं। इन अपात्रों व उनके परिवारीजनों से इस राशि की रिकवरी की जाएगी।
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इतना ही नहीं, करीब 5.5 हजार आयकरदाता भी किसान बनकर सरकार की योजना का बेजा लाभ ले रहे थे। इसकी जानकारी होने के बाद विभाग अब उनसे सम्मान निधि की राशि की रिकवरी कराने की कवायद में जुटा है। जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए पोर्टल पर 4.5 लाख किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है। इसमें पहले कराए गए सत्यापन में 5.5 हजार अपात्र मिले। इसके बाद, भूमिहीन, आयकरदाता सरकारी नौकरी, पेंशनर, अधिवक्ता, पति-पत्नी व मृतक अपात्रों की सम्मान निधि रोकने के बाद विभाग उनसे रिकवरी ही कर रहा था।
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इसी दौरान शासन ने सम्मान निधि का लाभ पा रहे किसानों के भूलेख और आधार कार्ड के सत्यापन का आदेश दिए। इसे लेकर जिले में कृषि विभाग और राजस्व के कर्मचारियों को लगाकर इसकी जांच कराई गई। विभागीय और राजस्व विभाग की टीम के सत्यापन में चौंकाने वाले खुलासे हुए।
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विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार की जांच में जहां 15009 भूमिहीन किसान बनकर सम्मान निधि ले रहे थे। वहीं, 7.5 हजार मुर्दे भी इसका लाभ ले रहे थे। इतना ही नहीं, 37 पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ लेते मिले। हालांकि जांच पूरी होने के बाद असल तस्वीर सामने आएगी। मगर, अब तक जो अपात्र मिले हैं, विभाग उनसे सम्मान निधि की रकम रिकवरी कराने की तैयारी कर रहा है।
आयकर दाताओं से 3.30 करोड़ की होगी रिकवरी
प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ ले रहे 5.5 हजार किसान आयकर दाता मिले हैं। इनसे विभाग तीन करोड़ तीस लाख रुपये की रिकवरी करने में जुटा है। ऐसे में बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कर आयकर दाताओं के खाते से सम्मान निधि की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए है।
उप कृषि निदेशक इंद्राज ने बताया कि आधार कार्ड की जांच में लगातार अपात्र मिल रहे हैं। इनमें भूमिहीन, मृतक व पति-पत्नी के साथ पेंशनर भी शामिल हैं। इन अपात्रों व उनके परिवारीजनों से इस राशि की रिकवरी की जाएगी।