फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   छह माह में ही धंसने लगा मोतीझील पुल का एप्रोच

छह माह में ही धंसने लगा मोतीझील पुल का एप्रोच

Sat, 09 Feb 2019 11:34 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 09 Feb 2019 11:34 PM IST
विज्ञापन
छह माह में ही धंसने लगा मोतीझील पुल का एप्रोच
बांसडीह। तहसील क्षेत्र के डुहिया में मोती झील पर वर्ष 2016 में पुल बनकर तैयार हुआ था। इस पुल पर आवागमन के लिए एप्रोच भी बनाया गया, लेकिन एप्रोच छह माह भी दबाव का सहन नहीं कर सका और जगह-जगह गड्ढे बन गए, जो दिनों-दिन खराब होता जा रहा है। जिससे आवागमन करने वाले यात्री आए दिन गिरकर चुटहिल हो रहे हैं।
विज्ञापन

बताया जाता है कि दर्जनों गांवों को जोड़ने के लिए 20 करोड़ की लागत से मोती झील पर पुल व एप्रोच का निर्माण वर्ष 2016 में कराया गया। लेकिन एप्रोच छह माह में ही जगह-जगह धंस गया और कई जगहों पर सड़क टूट गई। आलम यह है दोनों तरफ का एप्रोच क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन मुश्किल भरा काम हो गया है, जबकि इस सड़क से देवडीह, डुहिया, जानकीछपरा, हरदत्तपुर, रुकनपुरा, मंगलपुरा, बलुआ, बरियारपुर, सुल्तानपुर, ताहिरापुर सहित दर्जनों गांवों के लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता रहता है। एप्रोच को मरम्मत कराने के लिए ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक को लिखित तथा मौखिक रूप से शिकायत की, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके चलते इस पुल को पार करने वालों में हमेशा डर बना रहता है। एप्रोच के क्षतिग्रस्त होने के चलते खासकर हल्के वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। लोक निर्माण के अधिशासी अभियंता एसपी कन्नौजिया ने बताया कि एप्रोच के खराब होने के बाबत जेई से रिपोर्ट मंगाई जाएगी और जल्द ही एप्रोच का मरम्मत कराया जाएगा।
विज्ञापन

देवडीह निवासी अधिवक्ता हिमांशु सिंह ने बताया कि दो वर्ष पूर्व ही पुल बन कर तैयार हुआ। जब पुल के दोनों तरफ की सड़कें बन रही थी उसी समय ग्रामीणों ने मानक के अनुरुप न बनने की शिकायत की थी। लेकिन विभागीय अधिकारियों सहित किसी का भी ध्यान नहीं रहा। जिसका खामियाजा इस क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डुहिया निवासी हरेराम शर्मा ने बताया कि पुल के दोनों तरफ की सड़कें गड्हों में तब्दील हो गया है। इस एप्रोच पर आवागमन करने के दौरान दर्जनों लोग गिर कर चुटहिल हो चुके हैं। ऐसा ही रहा तो कोई बड़ी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

डुहिया निवासी पप्पू पांडेय ने बताया कि इस पुल के निर्माण हो से दर्जनों गांवों को जोडने के साथ ही व्यापार में भी सहूलियत के लिए क्षेत्रीय लोगों में खुशी थी। लेकिन पुल पर चढ़ना मौत को दावत देने के बराबर है। कब सड़क धंस जाए और आदमी पुल के नीचे चला जाए यह कहा नहीं जा सकता।
आनंद प्रसाद ने बताया कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए दर्जनों बार लिखित व मौखिक शिकायत किया गया। लेकिन अभी तक किसी ने भी इसकी सुधि नहीं ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed