{"_id":"b20bd9f65570cd21a31ce33cf9b3e38b","slug":"bail-granted-to-nineteen-in-kanth","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांठ बवाल: लाउडस्पीकर विवाद में बंद 19 लोगों को जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांठ बवाल: लाउडस्पीकर विवाद में बंद 19 लोगों को जमानत
ब्यूरो/अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Fri, 18 Jul 2014 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकबरपुर चैदरी शिव मंदिर से जबरन लाउडस्पीकर उतारे जाने के विरोध में 27 जून को कांठ में हरिद्वार हाईवे जाम करने वाले भाजपा और हिंदू जागरण मंच के 19 पदाधिकारियों को गुरुवार को अदालत से जमानत मिल गई।
विज्ञापन
इन सभी को पुलिस ने जाम के बाद हुए बवाल, फायरिंग और पथराव के आरोप में बलवे समेत डेढ़ दर्जन धाराओं में जेल भेजा था। अदालत से जमानत मंजूर होने के बाद देर शाम आठ लोगों को रिहा कर दिया गया। बाकी लोगों का परवाना नहीं पहुंचने की वजह से इनकी रिहाई शुक्रवार तक के लिए टल गई है। उधर, रिहाई की सूचना पर भाजपा और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं की भीड़ जिला जेल पर इकट्ठा हो गई।
विज्ञापन
जिला प्रशासन ने 26 जून को कांठ के गांव अकबरपुर चैदरी स्थित दलितों के शिव मंदिर के ताले तोड़कर जबरन लाउडस्पीकर उतार दिया था। विरोध में आई दलित महिलाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। पुलिस ने चार महिलाओं समेत आठ लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया था।
विज्ञापन
इस घटना के विरोध में अगले दिन 27 जून को हिंदू जागरण मंच के हितेष कुमार, भाजपा के उतम पाल और नवीन चौधरी के नेतृत्व में भाजपा और हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ताओं ने कांठ में हरिद्वार हाईवे को जाम करने जबरदस्त नारेबाजी और हंगामा किया था।
यहीं से 19 लोगों को हिरासत में लिया गया था जिसके बाद बवाल और बढ़ गया था। बवाल बढ़ने के बाद पुलिस ने पहले से हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों को बलवा, हत्या के प्रयास समेत करीब डेढ़ दर्जन धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
ये सभी 27 जून से ही जिला जेल में बंद थे। गुरुवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-तृतीय अजय त्यागी की अदालत में इनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता बबली सिन्हा और अनुज विश्नोई ने अभियुक्तों को निर्दोष बताते हुए जमानत पर रिहा करने की गुहार लगाई।
अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए अभियुक्तों को 25- 25 हजार रुपये के दो - दो जमानती पेश करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।