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अब खुद करें मिलावटी पदार्थों की जांच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 30 Dec 2015 10:07 PM IST
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बहराइच। शासन ने मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए नई कार्ययोजना तैयार कर अमलीजामा पहनाया है। कार्ययोजना के तहत अब आम आदमी किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट होने की जांच खुद कर सकता है। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को विभाग में चालान के माध्यम से एक हजार रुपये जमा करने होंगे।
खाद्य पदार्थों में मिलावट आम बात हो गई है। दूध, मावा, मिठाई हो या दही, तेल, मसाला हो या कोई भी सामान सब में मिलावट की जा रही है। मिलावटखोरी के पनपते गोरख धंधे को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है।
इसके तहत अब उपभोक्ता किसी भी तरह के खाद्य पदार्थों की जांच विभागीय सहयोग से विभागीय लैब में स्वयं करा सकता है। जांच में अगर रिपोर्ट फेल आती है, तो विभाग अपने स्तर से दोबारा जांच कराकर इसकी पुष्टि करेगा।
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पुष्टि के बाद भी अगर रिपोर्ट फेल मिलती है, तो संबंधित दुकानदार के ऊपर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उसे जेल जाना पड़ सकता है। जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी संदीप चौरसिया ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत काई भी उपभोक्ता अगर किसी भी खाद्य पदार्थ से संतुष्ट नहीं है, तो वह स्वयं विभाग में चालान के माध्यम से महज एक हजार रुपये जमा कर लखनऊ स्थित विभागीय प्रयोगशाला में संबंधित खाद्य पदार्थ के नमूने की जांच करा सकता है।
बहराइच में भी टोलफ्री नंबर पर कर सकते शिकायत
अभिहित अधिकारी चौरसिया ने जिले में औसतन एक दो शिकायतें हर महीने आती हैं। इन पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। लेकिन शासन ने इस बार एक टोलफ्री नंबर 18001805533 को जारी किया है। इस नंबर को बहराइच के लिए भी प्रभावी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस नंबर पर कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
तीन साल तक की कैद और दो लाख तक का हो सकता जुर्माना
खाद्य पदार्थों में जानलेवा पदार्थों के मिलावट की पुष्टि होने के बाद छह माह से तीन साल तक के कैद की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा 50 हजार से दो लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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खाद्य पदार्थों में मिलावट आम बात हो गई है। दूध, मावा, मिठाई हो या दही, तेल, मसाला हो या कोई भी सामान सब में मिलावट की जा रही है। मिलावटखोरी के पनपते गोरख धंधे को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू की है।
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इसके तहत अब उपभोक्ता किसी भी तरह के खाद्य पदार्थों की जांच विभागीय सहयोग से विभागीय लैब में स्वयं करा सकता है। जांच में अगर रिपोर्ट फेल आती है, तो विभाग अपने स्तर से दोबारा जांच कराकर इसकी पुष्टि करेगा।
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पुष्टि के बाद भी अगर रिपोर्ट फेल मिलती है, तो संबंधित दुकानदार के ऊपर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उसे जेल जाना पड़ सकता है। जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहित अधिकारी संदीप चौरसिया ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत काई भी उपभोक्ता अगर किसी भी खाद्य पदार्थ से संतुष्ट नहीं है, तो वह स्वयं विभाग में चालान के माध्यम से महज एक हजार रुपये जमा कर लखनऊ स्थित विभागीय प्रयोगशाला में संबंधित खाद्य पदार्थ के नमूने की जांच करा सकता है।
बहराइच में भी टोलफ्री नंबर पर कर सकते शिकायत
अभिहित अधिकारी चौरसिया ने जिले में औसतन एक दो शिकायतें हर महीने आती हैं। इन पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। लेकिन शासन ने इस बार एक टोलफ्री नंबर 18001805533 को जारी किया है। इस नंबर को बहराइच के लिए भी प्रभावी किया गया है। उन्होंने बताया कि इस नंबर पर कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।
तीन साल तक की कैद और दो लाख तक का हो सकता जुर्माना
खाद्य पदार्थों में जानलेवा पदार्थों के मिलावट की पुष्टि होने के बाद छह माह से तीन साल तक के कैद की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा 50 हजार से दो लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।