{"_id":"5db872ec8ebc3e01506f0941","slug":"worship-of-traditional-way-on-bhaiya-dooj-bahraich-news-lko489310211","type":"story","status":"publish","title_hn":"भैया दूज पर परंपरागत तरीके से की गई पूजा-अर्चना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भैया दूज पर परंपरागत तरीके से की गई पूजा-अर्चना
विज्ञापन
बहराइच में मंगलवार को भैया दूज की पूजा करतीं बहनें।
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। भैया दूज के मौके पर मंगलवार को घर-घर में परंपरागत तरीके से पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर बहनों ने निराजल व्रत रखकर पूजा व अर्चना कर भाइयों को टीका लगाते हुए उनके दीर्घायु होने की कामना की। इस मौके पर विद्यार्थियों ने कलम पूजन कर मां सरस्वती से ज्ञान का वरदान मांगा।
भैया दूज का पर्व पूरे जिले में मंगलवार को उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान महिलाओं और युवतियों में सुबह से ही उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने समूह में एकत्रित होकर पूजन-अर्चन किया। इसके बाद बहनों ने भाइयों को टीका लगाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई और भुरकी खिलाकर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी सुरक्षा का वचन भी दिया।
इसके पूर्व सुबह विद्यार्थियों व व्यवसाय से जुड़े लोगों ने परंपरागत तरीके से कलम पूजन कर मां सरस्वती से ज्ञान का वरदान मांगा। भैया दूज के अवसर पर चित्तौरा के बेलसरा गांव स्थित बाबा गायब गिरि और काशी विश्वनाथ मंदिर पर मेले का आयोजन किया गया। मेले में दूरदराज के गांवों के लोगों ने पहुंचकर हिस्सा लिया।
विज्ञापन
इस दौरान मेले में लगी दुकानों पर भीड़ जुटी रही। वहीं मेले में बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। महिलाओं ने भी दुकानों पर जमकर खरीददारी की। मेले में रामलीला का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए भीड़ जुटी रही। मंदिर के पुजारी दीनानाथ ने बताया कि भैया दूज के अवसर पर प्रति वर्ष यहां मेले का आयोजन होता है।
विज्ञापन
भैया दूज का पर्व पूरे जिले में मंगलवार को उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस दौरान महिलाओं और युवतियों में सुबह से ही उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने समूह में एकत्रित होकर पूजन-अर्चन किया। इसके बाद बहनों ने भाइयों को टीका लगाकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। सभी ने एक-दूसरे को मिठाई और भुरकी खिलाकर सुख समृद्धि की कामना की। इस दौरान भाइयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी सुरक्षा का वचन भी दिया।
विज्ञापन
इसके पूर्व सुबह विद्यार्थियों व व्यवसाय से जुड़े लोगों ने परंपरागत तरीके से कलम पूजन कर मां सरस्वती से ज्ञान का वरदान मांगा। भैया दूज के अवसर पर चित्तौरा के बेलसरा गांव स्थित बाबा गायब गिरि और काशी विश्वनाथ मंदिर पर मेले का आयोजन किया गया। मेले में दूरदराज के गांवों के लोगों ने पहुंचकर हिस्सा लिया।
विज्ञापन
इस दौरान मेले में लगी दुकानों पर भीड़ जुटी रही। वहीं मेले में बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। महिलाओं ने भी दुकानों पर जमकर खरीददारी की। मेले में रामलीला का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए भीड़ जुटी रही। मंदिर के पुजारी दीनानाथ ने बताया कि भैया दूज के अवसर पर प्रति वर्ष यहां मेले का आयोजन होता है।