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Bahraich News: जंगली जानवर के हमले में दो बालिकाएं घायल
Fri, 06 Mar 2026 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 06 Mar 2026 12:47 AM IST
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घायल कोमल। -संवाद
महसी। सरयू के कछार में बृहस्पतिवार को घास काटने गई दो बालिकाओं पर जंगली जानवर ने हमला कर जख्मी कर दिया। घटना से दहशत फैल गई है। दाेनों को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
हरदी के चमारनपुरवा गांव निवासी बलराम की बेटी कोमल (10) और भूलन की बेटी मुस्कान (9) बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मवेशियों के लिए घास छीलने सरयू नदी के किनारे गई थीं। उसी दौरान झाड़ियों में छिपे जंगली जानवर ने अचानक कोमल पर हमला कर दिया और उसके पैर को दांतों से जकड़ लिया। कोमल के चीखने पर पास खड़ी मुस्कान बचाने दौड़ी, तो जानवर ने उस पर भी झपट्टा मार दिया, जिससे उसके हाथ में गहरे खरोंच के निशान आ गए।
बालिकाओं की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़े। इसी दौरान कोमल के चाचा दीपक लाठी-डंडा लेकर पहुंचे, तब तक जानवर झाड़ियों में भाग गया। ग्रामीणों की मदद से घायल बालिकाओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महसी पहुंचाया गया।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि कोमल के पैर में नोचने के जख्म हैं, जबकि मुस्कान के हाथ में भी खरोंच आई है। दोनों का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। बच्चियों के पिता बलराम और भूलन ने बताया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ने से ग्रामीणों में भय है और अब लोग बच्चों को अकेले खेत या कछार की ओर भेजने से डर रहे हैं।
वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद साकिब ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर भेजी गई है। दिन के समय हमला होने के कारण प्रथम दृष्टया सियार या जंगली कुत्ते के हमले की संभावना जताई जा रही है, हालांकि मौके पर मिले पदचिह्नों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही हमलावर जानवर की सही पहचान हो सकेगी।
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हरदी के चमारनपुरवा गांव निवासी बलराम की बेटी कोमल (10) और भूलन की बेटी मुस्कान (9) बृहस्पतिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मवेशियों के लिए घास छीलने सरयू नदी के किनारे गई थीं। उसी दौरान झाड़ियों में छिपे जंगली जानवर ने अचानक कोमल पर हमला कर दिया और उसके पैर को दांतों से जकड़ लिया। कोमल के चीखने पर पास खड़ी मुस्कान बचाने दौड़ी, तो जानवर ने उस पर भी झपट्टा मार दिया, जिससे उसके हाथ में गहरे खरोंच के निशान आ गए।
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बालिकाओं की चीख सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़े। इसी दौरान कोमल के चाचा दीपक लाठी-डंडा लेकर पहुंचे, तब तक जानवर झाड़ियों में भाग गया। ग्रामीणों की मदद से घायल बालिकाओं को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महसी पहुंचाया गया।
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सीएचसी अधीक्षक डॉ. उपेंद्र कुमार ने बताया कि कोमल के पैर में नोचने के जख्म हैं, जबकि मुस्कान के हाथ में भी खरोंच आई है। दोनों का प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। बच्चियों के पिता बलराम और भूलन ने बताया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधि बढ़ने से ग्रामीणों में भय है और अब लोग बच्चों को अकेले खेत या कछार की ओर भेजने से डर रहे हैं।
वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद साकिब ने बताया कि वन विभाग की टीम मौके पर भेजी गई है। दिन के समय हमला होने के कारण प्रथम दृष्टया सियार या जंगली कुत्ते के हमले की संभावना जताई जा रही है, हालांकि मौके पर मिले पदचिह्नों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही हमलावर जानवर की सही पहचान हो सकेगी।