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Bahraich: बहराइच के अभारण्य का ये खास हिरण आया चर्चा में, अफसर बोले, यहां 'दुर्लभ सुलभ है'
Mon, 13 Mar 2023 03:57 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 13 Mar 2023 03:57 PM IST
सार
बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य का एक हिरण चर्चा का विषय बना हुआ है। यह हिरण बेहद दुर्लभ है। इस पर अफसरों ने खुशी दिखाई है।
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अभराण्य में दिखा हिरण।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बहराइच जिले के कतर्नियाघाट वन्य जीव अभयारण्य में एक दुधिया सफेद रंग का हिरण इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। इस हिरण की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस हिरण को एल्बिनो कहते हैं। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने अपने ट्विटर हैंडल पर तस्वीर साझा करते हुए लिखा है ‘कतर्नियाघाट- जहां दुर्लभ सुलभ है’ पर कायम रहते हुए आज सुबह एक अल्बिनो चित्तीदार हिरण देखा गया। यह हिरण घड़ियाल संरक्षण टीम के पुलकित गुप्ता के कैमरे में कैद हुआ है। डीएफओ ने हिरन के बच्चे की फोटो यूपी फारेस्ट, यूपी टूरिज्म, डीएम और डब्ल्यूडी को अपने ट्विटर से टैग किया है साथ ही इसे खुशी का क्षण बताया है।
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कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवानदास लखमानी ने बताया कि अल्बिनो हिरन ज्यादा दिनों तक सुरक्षित नहीं रह पाते हैं। अन्य हिरनों से अलग होने की वजह से बाघ, तेंदुआ आसानी से इनकी पहचान कर शिकार कर लेते हैं। इसके बावजूद सफेद हिरण की मौजूदगी कतर्निया में बेहतर जैव विविधता के परिणाम की भी पुष्टि कर रहा है।
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विश्व प्रकृति निधि के पशु चिकित्सक डॉ. परिक्षित काकाती ने बताया कि जिस तरह इंसानों में मेलिनीयन की कमी से इंसान की त्वचा सफेद हो जाती है, जिसे बोलचाल की भाषा में सूरजमुखी भी कहते हैं। उसी प्रकार जिस हिरण में मेलिनीयन की कमी हो जाती है, उसके भी बाल और खाल सफेद हो जाती है लेकिन ऐसे हिरण बहुत कम दिखाई देते हैं, इसलिए इसे दुर्लभ कहा जाता है।
आपको बताते चले कि कतर्नियाघाट में जैव विविधता की मात्रा इतनी प्रचुर है कि यहां जल चर, वल्चर और वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं, इसलिए यहां का स्लोगन “दुर्लभ सुलभ है” प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां गिद्ध सहित विभिन्न प्रकार के पक्षी, डॉल्फिन, घड़ियाल, टाइगर, तेंदुए, हाथी और गैंडे देखे जा सकते हैं।