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रबी फसलों के लिए मुफीद मौसम, बारिश की दरकार

Sat, 16 Jan 2016 09:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच Updated Sat, 16 Jan 2016 09:32 PM IST
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weather pleasant for rabi crops
बहराइच (ब्यूरो)। बदला मौसम रबी फसलों के लिए काफी लाभदायक है। नमी बढ़ने से फसलों में पानी की कमी की पूर्ति हो रही है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि आगे भी मौसम ऐसा ही रहा तो फसल अच्छी हो सकती है।
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लेकिन, इन दिनों किसानों की फसलों को बारिश के पानी की दरकार है। कारण गेहूं की बोआई हुए डेढ़ माह का वक्त बीत चुका है।

बहराइच में करीब एक लाख 66 हजार हेक्टेअर भूमि पर गेहूं की फसल लगी है। इसी तरह जौ, मक्का, चना, मटर, मसूर, सरसों व अलसी की खेती भी किसानों ने की है।

फसलों की बोआई हुए करीब डेढ़ माह का वक्त बीत चुका है। किसान अब फसलों की सिंचाई कर रहे हैं। पिछले दिनों तराई का मौसम फसलों के लिए विपरीत चल रहा था।

दिन के समय जहां तेज धूप गर्मी का एहसास करा रही थी, वहीं रात के समय भी मौसम फसलों के लिए मुफीद नहीं था। लेकिन शनिवार को अचानक बढ़ी ठंड फसलों के लिए वरदान साबित होगी। कृषि वैज्ञानिक इसे सुखद संकेत मान रहे हैं।
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फसलों के लिए उपयुक्त तापमान

कृषि वैज्ञानिक डॉ एमवी सिंह का कहना है कि ठंड नहीं पड़ने से फसलों की बढ़त पर असर जरूर पड़ा है।

लेकिन, अब यदि दिन में अधिकतम तापमान 18 से 22 डिग्री सेल्सियस और रात के समय न्यूनतम तापमान 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बना रहता है तो उत्पादन बेहतर होगा।
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शुक्रवार को रिकॉर्ड तापमान आम दिनों की अपेक्षा करीब 5 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज हुआ है। यह मौसम गेहूं, मक्का, सरसों, आलू की फसलों के लिए उपयुक्त है।

खेतों में बनाए रखें नमी

डॉ एमवी सिंह ने कहा कि किसान खेतों में नमी जरूर बनाए रखें। कारण मानसून के दौरान अच्छी बारिश नहीं हुई है। इससे खेत ड्राई हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने गेहूं की सिंचाई कर दी है, वे यूरिया का छिड़काव कर दें। खरपतवार के नियंत्रण पर किसान ध्यान दें।

सिंचाई के लिए फसल तैयार, बारिश चाहिए

महसी गांव निवासी अमरिका प्रसाद ने कहा कि मौसम साथ नहीं दे रहा है। खरीफ सीजन में मानसून की बेरुखी के चलते धान की फसल बर्बाद हो गई और अब गेहूं का हाल बुरा है।

मेवालाल ने कहा कि बारिश न होने के कारण निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ती जा रही है।

मूले कनौजिया ने कहा कि यदि दिसंबर के अंत या जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में बारिश हो जाती है तो खेत में पर्याप्त नमी रहती है। इसके कारण फसलों में रोग नहीं लगते हैं।


साय मोहम्मद ने कहा कि अभी गेहूं की फसल ठीक है, लेकिन यदि जल्दी गर्मी शुरू हो गई फसल चौपट हो जाएगी। मौसम ने सर्दी का माहौल बनाया है लेकिन कितने दिनों तक बरकरार रहेगा, यह कहना मुश्किल है। अब तो खेती संसाधनों पर निर्भर हो गई है।

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