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बूंदाबांदी से फिर सर्द हुई तराई
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 20 Feb 2016 10:03 PM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। तराईवासियों की सुबह शनिवार को बादलों के बीच हुई। सुबह कुछ पलों के लिए बूंदाबांदी भी हुई। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिक इसे पश्चिमी विक्षोभ बता रहे हैं। दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने के आसार हैं।
शनिवार तड़के ही तेज हवा चलने लगी। छह बजे के आसपास हल्की बूंदाबांदी हुई और इसके थमने के बाद पूरे दिन बादल छाये रहे।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अचानक तराई के मौसम में बदलाव हुआ है।
उन्होंने कहा कि जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक आगामी दो दिनों तक बादल आते-जाते रहेंगे। पुन: बूंदाबांदी का सामना करना पड़ सकता है।
खेतों में रुककर लगाएं पानी
प्रभारी वैज्ञानिक एमवी सिंह ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते कुछ इलाकों में बौछारों के भी संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में गेहूं और गन्ने की सिंचाई के लिए किसान जल्दी न करें। दो दिन रुक कर सिंचाई करें।
हो सकता है कुछ इलाकों में बौछारें एक सिंचाई से राहत दे दें। उन्होंने कहा कि इस समय की वर्षा गेहूं की फसलों के लिए काफी मुफीद होगी।
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मौसम वैज्ञानिक इसे पश्चिमी विक्षोभ बता रहे हैं। दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने के आसार हैं।
शनिवार तड़के ही तेज हवा चलने लगी। छह बजे के आसपास हल्की बूंदाबांदी हुई और इसके थमने के बाद पूरे दिन बादल छाये रहे।
फसल अनुसंधान केंद्र के प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. एमवी सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते अचानक तराई के मौसम में बदलाव हुआ है।
उन्होंने कहा कि जो संकेत मिल रहे हैं, उसके मुताबिक आगामी दो दिनों तक बादल आते-जाते रहेंगे। पुन: बूंदाबांदी का सामना करना पड़ सकता है।
खेतों में रुककर लगाएं पानी
प्रभारी वैज्ञानिक एमवी सिंह ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव के चलते कुछ इलाकों में बौछारों के भी संकेत मिल रहे हैं। ऐसे में गेहूं और गन्ने की सिंचाई के लिए किसान जल्दी न करें। दो दिन रुक कर सिंचाई करें।
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हो सकता है कुछ इलाकों में बौछारें एक सिंचाई से राहत दे दें। उन्होंने कहा कि इस समय की वर्षा गेहूं की फसलों के लिए काफी मुफीद होगी।