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सात समंदर पार से आए वोट डालने
अमर उजाला/श्रावस्ती
Updated Mon, 27 Feb 2017 10:43 PM IST
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भले ही रोटी-रोजी की तलाश उन्हें अपनी सरजमीं से हजारों मील दूर विदेश ले गई हो, लेकिन कोई खास मौका आते ही वे अपने वतन आकर फर्ज निभाना नहीं भूलते। इनके लिए चुनाव भी एक ऐसा ही मौका होता है जब अपने देश लौटकर पांच साल के लिए नुमाइंदा चुनना नहीं भूलते। विधानसभा चुनाव आते ही दूर देशों में नौकरी करने वालों को भी अपना वतन याद आ गया। जिसके चलते कोई 15 दिन तो कोई दो दिन पूर्व ही वोट देने के लिए अपने गांव पहुंच गया। यहां तक कि तमाम लोग मतदान के लिए मुंबई व दिल्ली से भी अपने अपने गांव में लौट आए।
श्रावस्ती के नरपतपुर निवासी इफ्तिखार अहमद सउदी अरब में रियाद शहर में काम करते हैं। अभी दो दिन पहले ही वह अपने गांव पहुंचे। जहां उन्होंने अपना मतदान किया। वे कहते हैं कि यहां भले ही मैं नहीं रहता पर परिवार के बाकी सदस्य हैं जिनकी जिंदगी के लिए बेहतर नुमाइंदे का चुना जाना जरूरी है।
नरपतपुर के ही शोएब अरब के कतर में रहकर नौकरी करते हैं। चुनाव में भाग लेने के लिए ही वह एक माह पूर्व ही अपने गांव लौट आए थे। अगले माह में ही उनकी वापसी का टिकट है। यहीं के इरशाद अहमद मुंबई में रहकर अपना कारोबार करते हैं। चुनाव के एक सप्ताह पूर्व गांव लौटे थे। मतदान के बाद ही वापस जाने का टिकट है।
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फत्तेहपुर बनगई के मजरा मंतुरी निवासी छोटकऊ कतर के मेन सिटी में एक अमीर के यहां घरेलू नौकर के रूप में काम करते हैं। खास चुनाव के लिए उन्होंने अपने शेख से छुट्टी मांगी जो खुशी-खुशी मिल गई। वे बारह दिन पूर्व मतदान के लिए गांव लौटे। आज उन्होंने बूथ संख्या 29 पर मतदान किया। फत्तेहपुर के ही अब्दुल राशिद सउदी के दम्मा शहर में कुकिंग का काम करते हैं। कुछ दिन पहले ही चुनाव के लिए घर लौटे और आज अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
फैजाबाद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को मतदान के लिए सात समुंदर पार से पहुंचे मतदाताओं ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी की। हलीमनगर निवासी समीर खां ने बताया कि वह दुवई में रहते हैं लेकिन अपने मनपसंद प्रत्याशी को वोट देने के लिए वतन आए हैं। बताया कि सोमवार को हमने अपना मत दिया है।
अख्तियारपुर निवासी तौसीफ अहमद भी सउदी से मतदान में हिस्सा लेने के लिए 10 दिन पहले आए थे। उन्होंने बताया कि हम बाद में आने वाले थे लेकिन मतदान की वजह से जल्दी आ गए। मोहमम्द सैफ ने बताया कि हम कई वर्षोें से दुबई में रहते हैं, होली बाद आने का विचार था लेकिन घर वालों ने बताया कि 27 फरवरी को मतदान है, इसी वजह से हम आ गए और आज मतदान किया।
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श्रावस्ती के नरपतपुर निवासी इफ्तिखार अहमद सउदी अरब में रियाद शहर में काम करते हैं। अभी दो दिन पहले ही वह अपने गांव पहुंचे। जहां उन्होंने अपना मतदान किया। वे कहते हैं कि यहां भले ही मैं नहीं रहता पर परिवार के बाकी सदस्य हैं जिनकी जिंदगी के लिए बेहतर नुमाइंदे का चुना जाना जरूरी है।
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नरपतपुर के ही शोएब अरब के कतर में रहकर नौकरी करते हैं। चुनाव में भाग लेने के लिए ही वह एक माह पूर्व ही अपने गांव लौट आए थे। अगले माह में ही उनकी वापसी का टिकट है। यहीं के इरशाद अहमद मुंबई में रहकर अपना कारोबार करते हैं। चुनाव के एक सप्ताह पूर्व गांव लौटे थे। मतदान के बाद ही वापस जाने का टिकट है।
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फत्तेहपुर बनगई के मजरा मंतुरी निवासी छोटकऊ कतर के मेन सिटी में एक अमीर के यहां घरेलू नौकर के रूप में काम करते हैं। खास चुनाव के लिए उन्होंने अपने शेख से छुट्टी मांगी जो खुशी-खुशी मिल गई। वे बारह दिन पूर्व मतदान के लिए गांव लौटे। आज उन्होंने बूथ संख्या 29 पर मतदान किया। फत्तेहपुर के ही अब्दुल राशिद सउदी के दम्मा शहर में कुकिंग का काम करते हैं। कुछ दिन पहले ही चुनाव के लिए घर लौटे और आज अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
फैजाबाद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को मतदान के लिए सात समुंदर पार से पहुंचे मतदाताओं ने लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी की। हलीमनगर निवासी समीर खां ने बताया कि वह दुवई में रहते हैं लेकिन अपने मनपसंद प्रत्याशी को वोट देने के लिए वतन आए हैं। बताया कि सोमवार को हमने अपना मत दिया है।
अख्तियारपुर निवासी तौसीफ अहमद भी सउदी से मतदान में हिस्सा लेने के लिए 10 दिन पहले आए थे। उन्होंने बताया कि हम बाद में आने वाले थे लेकिन मतदान की वजह से जल्दी आ गए। मोहमम्द सैफ ने बताया कि हम कई वर्षोें से दुबई में रहते हैं, होली बाद आने का विचार था लेकिन घर वालों ने बताया कि 27 फरवरी को मतदान है, इसी वजह से हम आ गए और आज मतदान किया।