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Bahraich News: हड़ताल ने पंक्चर की टीकाकरण की गाड़ी

Mon, 10 Aug 2026 11:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:53 PM IST
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Vaccination vehicle punctured due to strike
बहराइच। जिले में पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए शुरू होने वाला टीकाकरण अभियान पैरावेट कर्मियों की हड़ताल के कारण पटरी से उतर गया है। पशु चिकित्सा विभाग ने 6,16,300 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य तय किया था। अभियान शुरू हुए कई दिन बीतने के बावजूद अब तक करीब एक लाख पशुओं का ही टीकाकरण हो सका है यानी लक्ष्य के एक चौथाई पशुओं तक भी विभाग नहीं पहुंच सका है। पैरावेट कर्मियों के आंदोलन से गांवों में पशुओं के टीकाकरण और टैगिंग दोनों की रफ्तार प्रभावित हुई है।
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पशु चिकित्सा विभाग की ओर से 22 जुलाई से करीब डेढ़ माह तक अभियान चलाया जाना तय किया गया था। इसकी जिम्मेदारी जिले में तैनात करीब 220 पैरावेट कर्मियों के कंधों पर थी। अभियान शुरू होने से पहले ही पैरावेट संघ ने मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल कर दी। इसका सीधा असर गांव-गांव पहुंचने वाली टीकाकरण टीमों पर पड़ा। पशुपालकों को अब अपने पशुओं का टीकाकरण कराने के लिए नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र अथवा निजी पशु चिकित्सकों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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महसी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में विभाग ने विशेष टीमें भेजकर मैकूपुरवा, पचदेवरी, अंगरौरा, दुबहा और बहुदुरिया समेत कई गांवों में पशुओं का टीकाकरण कराया था। इसके बाद अभियान की गति अपेक्षित नहीं रही। मैकूपुरवा निवासी पशुपालक मुन्नालाल और कृष्ण कुमार ने बताया कि निजी स्तर पर टीकाकरण कराने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
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टैग काटकर फेंक देते हैं पशुपालक
टीकाकरण के साथ पशुओं की टैगिंग भी धीमी है। विभाग के अनुसार अब तक करीब एक लाख पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें टैग लगाया गया है। जिला पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश कुमार उपाध्याय ने बताया कि कई पशुपालक पशुओं के कान में लगे टैग काटकर फेंक देते हैं। इससे आपदा में पशु की मौत होने पर मुआवजा प्राप्त करने में परेशानी होती है।

पांच रुपये मानदेय में नहीं करेंगे काम

ऑल पैरावेट पशु मित्र कार्य सेवा समिति के जिलाध्यक्ष अश्विनी कुमार मिश्रा ने बताया कि टीकाकरण के लिए पैरावेट को प्रति पशु पांच रुपये मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि जोखिम भरे काम के एवज में यह मानदेय बेहद कम है। मानदेय बढ़ने तक पैरावेट टीकाकरण अभियान में शामिल नहीं होंगे।
फैक्ट फाइल
टीकाकरण का लक्ष्य : 6,16,300 पशु
अभियान की शुरुआत : 22 जुलाई 2026
अभियान की अवधि : करीब डेढ़ माह
अब तक टीकाकरण : लगभग 1 लाख पशु
लक्ष्य के मुकाबले : करीब 16 प्रतिशत
पैरावेट कर्मियों की संख्या : 220
पैरावेट का मौजूदा मानदेय : प्रति पशु पांच रुपये
टीकाकरण कम होने की वजह : मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पैरावेट कर्मियों की हड़ताल
टीकाकरण का उद्देश्य : खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारियों से पशुओं की सुरक्षा
टैगिंग : टीकाकरण के साथ पशुओं को टैग लगाने का कार्य भी प्रभावित
प्रभावित क्षेत्र : जिले के ग्रामीण इलाकों में नियमित टीकाकरण प्रभावित
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