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Bahraich News: 45 मिनट में भेड़िये के दो हमले, दो मासूम जख्मी

Wed, 27 May 2026 12:10 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 12:10 AM IST
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Two wolf attacks in 45 minutes, two children injured
भेड़िये के हमले में घायल बालक व बालिका। - फोटो : भेड़िये के हमले में घायल बालक व बालिका।
बौंडी। ग्राम पंचायत ख्वाजगीपुर के दो अलग-अलग गांवों में 45 मिनट के अंतराल में भेड़िये ने हमला कर एक बालिका और एक बच्चे को घायल कर दिया। ग्रामीणों की सक्रियता से दोनों बच्चों की जान बच गई, लेकिन बालिका को गंभीर जख्म आने से उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं, बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। मुनीजरपुरवा निवासी छोटू (10) दोपहर 12 बजे गांव के बाहर अन्य बच्चों के साथ बकरियां चरा रहा था। बच्चे पेड़ के नीचे खेल रहे थे और बकरियां खेत में थीं। खेलते हुए छोटू झाड़ियों की ओर चला गया, तभी अचानक भेड़िया उस पर झपट पड़ा। बच्चे की चीख सुनकर आसपास मौजूद लोग लाठी लेकर शोर मचाते हुए दौड़े तो भेड़िया बच्चे को छोड़कर भाग निकला।
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उधर, चंगिया निवासी अल्फिसा (12) पांच बच्चों के साथ गांव से कुछ दूरी पर खेतों में बकरियां चराने गई थी। दोपहर में 12:45 बजे जब वह बकरियों को हांक कर घर चलने को हुई तभी अचानक भेड़िये ने झपट्टा मारकर उसे जबड़े में दबोच लिया। अल्फिसा की चीख सुनकर अन्य बच्चों ने शोर मचाया तो ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बालिका की जान बचाई। भेड़िये के हमले में अल्फिसा के पेट, पीठ और सिर में गहरे जख्म हुए हैं। हमले में घायल अल्फिसा और छोटू को परिजन सीएचसी फखरपुर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद अल्फिसा को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, जबकि छोटू को चेहरे व कलाई में हल्के जख्म होने के कारण प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया गया।
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ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आद्या प्रताप सिंह ने भेड़िये के हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि गांव के लोगों ने भेड़िये का पीछा किया, लेकिन वह झाड़ियों में गायब हो गया। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि इलाका भेड़िया प्रभावित है, इसके बावजूद विभाग सतर्क नहीं है। घटना के बाद ख्वाजगीपुर, मुनीजरपुरवा और चंगिया गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण समूह बनाकर खेतों और बागों की निगरानी कर रहे हैं। अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को अकेले बाहर भेजना बंद कर दिया है। इस मामले में रेंजर मोहम्मद साकिब ने बताया कि प्रथम दृष्टया हमला किसी पागल सियार अथवा आवारा कुत्ते द्वारा किए जाने की आशंका है। फिर भी एहतियात के तौर पर वन विभाग की टीम मौके पर जांच कर हमलावर वन्यजीव की तलाश कर रही है।
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बढ़ाई गई निगरानी
डीएफओ सुंदरेशा ने कहा कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और तीन टीमें लगातार गश्त कर रही है। ग्रामीणों से अपील है कि बच्चों को अकेले खेतों या सुनसान स्थानों पर न भेजें तथा किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।

पिछले साल 12 लोगों की गई थी जान
तराई में वर्ष 2025 में भेड़ियों के ताबड़तोड़ हमलों में 12 लोगों की जान चली गई थी। इनमें गढीपुरवा गांव निवासी आयुष (2), परागपुर निवासी ज्योति (4), बहोरवा निवासी संध्या (4 माह), गंदूझाला निवासी अंकेश (3), तौकली निवासी सोनी (2), प्यारे पुरवा निवासी खेदन (70) व पत्नी मनकी (65), कंदौली की शानवी (2), नया लोधन पुरवा की जाह्नवी (3), खोरिया सफीक सुनीता, मल्लाहनपुरवा निवासी सुभाष, लालापुरवा की आरवी उर्फ पिंकी (01) शामिल हैं।

भेड़िये के हमले में घायल बालक व बालिका।

भेड़िये के हमले में घायल बालक व बालिका।- फोटो : भेड़िये के हमले में घायल बालक व बालिका।

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