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दो बच्चाें की बर्थ आइसपाक्सिया से मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2016 10:46 PM IST
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बर्थ आइसपाक्सिया नवजात की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। गुरुवार को बर्थ आइसपाक्सिया से पीड़ित दो नवजात की मौत हो गई। हरदी क्षेत्र में रमपुरवा गांव निवासी राकेश सिंह की पत्नी सपना ने बेटे को जन्म दिया था। जन्म के दो घंटे बाद नवजात की तबियत बिगड़ गई। तत्काल उसे चिकित्सक के पास ले जाया गया।
परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने नवजात के बर्थ आइसपाक्सिया से पीड़ित होने की पुष्टि की। इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। उधर पयागपुर के लखाही पट्टी गांव निवासी लल्लन की पत्नी अंजू के प्रसव के बाद नवजात की तबियत बिगड़ गई। बाल रोग विभाग में उसका भी परीक्षण हुआ तो बर्थ आइसपाक्सिया की पुष्टि हुई।
इलाज के बावजूद 18 घंटे बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि मस्तिष्क में पानी भरने के चलते बर्थ आइसपाक्सिया रोग होता है। इससे बच्चे के मस्तिष्क को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और जिससे मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था में अनियमित खानपान और दिनचर्या के चलते यह स्थितियां उत्पन्न होती हैं।
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परीक्षण के दौरान डॉक्टरों ने नवजात के बर्थ आइसपाक्सिया से पीड़ित होने की पुष्टि की। इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। उधर पयागपुर के लखाही पट्टी गांव निवासी लल्लन की पत्नी अंजू के प्रसव के बाद नवजात की तबियत बिगड़ गई। बाल रोग विभाग में उसका भी परीक्षण हुआ तो बर्थ आइसपाक्सिया की पुष्टि हुई।
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इलाज के बावजूद 18 घंटे बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके वर्मा ने बताया कि मस्तिष्क में पानी भरने के चलते बर्थ आइसपाक्सिया रोग होता है। इससे बच्चे के मस्तिष्क को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और जिससे मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था में अनियमित खानपान और दिनचर्या के चलते यह स्थितियां उत्पन्न होती हैं।
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