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क्षय रोग गंभीर, पर इलाज संभव : डाॅ. खत्री
Tue, 25 Mar 2025 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 25 Mar 2025 12:31 AM IST
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बहराइच के मेडिकल काॅलेज में विश्व टीबी दिवस पर हुए कार्यक्रम में मौजूद लोग।
बहराइच/चितौरा। विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस पर सोमवार को मेडिकल कॉलेज बहराइच व सीएचसी चित्तौरा में जागरूकता और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. खत्री ने कहा कि हमें सामूहिक रूप से टीबी के खिलाफ लड़ना होगा। इस तरह के आयोजन न केवल जागरूकता फैलाते हैं, बल्कि मरीजों को समय पर इलाज की दिशा में प्रेरित भी करते हैं। कम्युनिटी मेडिसिन प्रमुख डॉ. शाहनवाज मलिक ने कहा कि टीबी का इलाज संभव है, इसके लिए शुरुआती निदान और नियमित दवा लेना जरूरी है। हमारा विभाग समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और मरीजों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. गीता ने कहा, हमें टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खांसी, बुखार और वजन घटने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाएं। कार्यक्रम में डॉ. अंकित, डॉ. देवरूपा, डॉ. मोनिका, डॉ. संजीव, डॉ. रोहित आदि मौजूद रहे।
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कार्यशाला को संबोधित करते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. खत्री ने कहा कि हमें सामूहिक रूप से टीबी के खिलाफ लड़ना होगा। इस तरह के आयोजन न केवल जागरूकता फैलाते हैं, बल्कि मरीजों को समय पर इलाज की दिशा में प्रेरित भी करते हैं। कम्युनिटी मेडिसिन प्रमुख डॉ. शाहनवाज मलिक ने कहा कि टीबी का इलाज संभव है, इसके लिए शुरुआती निदान और नियमित दवा लेना जरूरी है। हमारा विभाग समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और मरीजों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. गीता ने कहा, हमें टीबी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खांसी, बुखार और वजन घटने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाएं। कार्यक्रम में डॉ. अंकित, डॉ. देवरूपा, डॉ. मोनिका, डॉ. संजीव, डॉ. रोहित आदि मौजूद रहे।