{"_id":"635aba971fb39c04ae443fa0","slug":"tourists-will-be-able-to-see-katarniaghat-from-november-15-bahraich-news-lko654466694","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 नवंबर से कतर्नियाघाट का दीदार कर सकेंगे सैलानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 नवंबर से कतर्नियाघाट का दीदार कर सकेंगे सैलानी
विज्ञापन
कतर्नियाघाट संरक्षित वनक्षेत्र में स्थित इको पर्यटन का भवन।
- फोटो : BAHRAICH
मिहींपुरवा(बहराइच)। पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा स्थल कतर्नियाघाट 15 नवंबर से दर्शकों के लिए खोलने की तैयारियां तेजी से की जा रही है। यहां करीब 551 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस प्राकृतिक वातावरण से परिपूर्ण जंगल में विचरण करते कई जंगली जीव देखने को मिलते हैं। जंगल के बीच से निकली गेरूहा कौड़ियाला नदी में उछलकूद करती डाल्फिन के अलावा ग्रासलैंड में सैकड़ों की संख्या में विचरण करते हिरनों के झुण्ड भी आकर्षण का केंद्र रहते है। डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि 16 जून से 14 नवंबर तक वन्यजीव विहार में पर्यटकों का प्रवेश वर्जित रहता है। 15 नवंबर से कतर्निया के द्वार खोलने की तैयारी की जा रही है।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में भ्रमण के लिए वन निगम के द्वारा वाहन तथा गाइड उपलब्ध कराया जाता है। जिससे जंगल के प्रमुख स्थानों की सैर की जा सकती है और जंगल की इसी सैर के दौरान जंगली दुर्लभ जीवों का दीदार किया जा सकता है। जंगल के बीच बहने वाली गेरूहा नदी में बोटिंग की भी व्यवस्था है। निर्धारित शुल्क अदा करने पर बोटिंग की जा सकती है। जंगल के किनारे बसे थारू जनजाति के लोगों से उनके रहन सहन कलाकृतियों की जानकारी उनके नृत्य और तैयार व्यंजनों को खाने का लुत्फ उठाया जा सकता है। इसके लिए वन विभाग की अनुमति प्राप्त करने पर ही सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
वन्यजीव प्रभाग में ठहरने के लिए सभी सुविधाओं से सुसज्जित अतिथि गृह/ थारू हट बनाये गये हैं। मोतीपुर में चार, ककरहा में चार, कतर्नियाघाट में दो तथा 5 लेपर्ड कैंप व दो टाइगर कैंप पर्यटकों के लिए मौजूद है। कतर्नियाघाट पर्यटन के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक बुकिंग के लिए यूपी यूको tourism.com पर जाकर पर्यटक आसानी से बुकिंग करा सकते हैं। यहां पर भोजन के लिए कैन्टीन भी उपलब्ध है। जंगल घूमने के लिए जीप सफारी के साथ ही बोटिंग के लिए मोटर बोट की व्यवस्था है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में भ्रमण के लिए वन निगम के द्वारा वाहन तथा गाइड उपलब्ध कराया जाता है। जिससे जंगल के प्रमुख स्थानों की सैर की जा सकती है और जंगल की इसी सैर के दौरान जंगली दुर्लभ जीवों का दीदार किया जा सकता है। जंगल के बीच बहने वाली गेरूहा नदी में बोटिंग की भी व्यवस्था है। निर्धारित शुल्क अदा करने पर बोटिंग की जा सकती है। जंगल के किनारे बसे थारू जनजाति के लोगों से उनके रहन सहन कलाकृतियों की जानकारी उनके नृत्य और तैयार व्यंजनों को खाने का लुत्फ उठाया जा सकता है। इसके लिए वन विभाग की अनुमति प्राप्त करने पर ही सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
विज्ञापन
वन्यजीव प्रभाग में ठहरने के लिए सभी सुविधाओं से सुसज्जित अतिथि गृह/ थारू हट बनाये गये हैं। मोतीपुर में चार, ककरहा में चार, कतर्नियाघाट में दो तथा 5 लेपर्ड कैंप व दो टाइगर कैंप पर्यटकों के लिए मौजूद है। कतर्नियाघाट पर्यटन के लिए ऑनलाइन तथा ऑफलाइन बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक बुकिंग के लिए यूपी यूको tourism.com पर जाकर पर्यटक आसानी से बुकिंग करा सकते हैं। यहां पर भोजन के लिए कैन्टीन भी उपलब्ध है। जंगल घूमने के लिए जीप सफारी के साथ ही बोटिंग के लिए मोटर बोट की व्यवस्था है।
विज्ञापन