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Bahraich News: अमृतपुर में वन विभाग के पिंजरे में कैद हुआ बाघ
Sun, 16 Nov 2025 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:13 AM IST
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मुर्तिहा रेंज में पिंजरे में कैद हुआ बाघ। -संवाद
मिहींपुरवा। मुर्तिहा रेंज के अमृतपुर गांव में लगाए गए पिंजरे में शुक्रवार रात एक नर बाघ कैद हो गया। रात में ही वनाधिकारी उसे लेकर रेंज कार्यालय चले गए और मामले को छिपाए रहे। शनिवार दोपहर पिंजरे में कैद बाघ का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उसे छोड़ने के लिए डीएफओ ने उच्चाधिकारियों से अनुमति मांगी है।
कतर्नियाघाट के ककरहा व मुर्तिहा वन रेंज के ग्राम बेझा, धरमपुर, अमृतपुर सहित आधा दर्जन से अधिक मजरों में पिछले तीन दिनों से जंगली जानवरों के लगातार हमले हो रहे थे। इन्हीं हमलों में बृहस्पतिवार को बेझा के मजरा देवउनपुरवा निवासी भीखन की मौत हो गई थी, जबकि शुक्रवार को अमृतपुर के पुरैना खल्ला निवासी हरिश्चंद्र पर खेत में गन्ना काटते समय जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद ग्रामीणों की सूझ-बूझ से उनकी जान बच गई।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की बाघ के हमले की आशंका को खारिज करते हुए इसे तेंदुए का हमला बताया था। विभाग की टीम ने दो पिंजरे, कैमरा और फॉग लाइट भी लगाई थी।
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शुक्रवार रात मुर्तिहा वन रेंज द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक नर बाघ कैद हो गया। पिंजरे में कैद हुए बाघ की उम्र करीब ढाई वर्ष बताई जा रही है। बाघ को रात में वन विभाग की निगरानी में टीम ने रेंज कार्यालय ले जाकर सुरक्षित रखा और अधिकारी मामले को दबाए रहे।
शनिवार दोपहर खुलासा होने के बाद कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि मुर्तिहा वन रेंज में लगाए गए पिंजरे में नर बाघ देर रात कैद हुआ है। तीन सदस्यीय डॉक्टर पैनल ने चिकित्सीय परीक्षण किया। बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा, अभी आदेश नहीं मिला है, पत्र लिखा गया है।
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कतर्नियाघाट के ककरहा व मुर्तिहा वन रेंज के ग्राम बेझा, धरमपुर, अमृतपुर सहित आधा दर्जन से अधिक मजरों में पिछले तीन दिनों से जंगली जानवरों के लगातार हमले हो रहे थे। इन्हीं हमलों में बृहस्पतिवार को बेझा के मजरा देवउनपुरवा निवासी भीखन की मौत हो गई थी, जबकि शुक्रवार को अमृतपुर के पुरैना खल्ला निवासी हरिश्चंद्र पर खेत में गन्ना काटते समय जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। गनीमत रही कि उनके साथ मौजूद ग्रामीणों की सूझ-बूझ से उनकी जान बच गई।
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घटना के बाद मौके पर पहुंचे वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों की बाघ के हमले की आशंका को खारिज करते हुए इसे तेंदुए का हमला बताया था। विभाग की टीम ने दो पिंजरे, कैमरा और फॉग लाइट भी लगाई थी।
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शुक्रवार रात मुर्तिहा वन रेंज द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक नर बाघ कैद हो गया। पिंजरे में कैद हुए बाघ की उम्र करीब ढाई वर्ष बताई जा रही है। बाघ को रात में वन विभाग की निगरानी में टीम ने रेंज कार्यालय ले जाकर सुरक्षित रखा और अधिकारी मामले को दबाए रहे।
शनिवार दोपहर खुलासा होने के बाद कतर्नियाघाट के प्रभागीय वनाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि मुर्तिहा वन रेंज में लगाए गए पिंजरे में नर बाघ देर रात कैद हुआ है। तीन सदस्यीय डॉक्टर पैनल ने चिकित्सीय परीक्षण किया। बाघ पूरी तरह स्वस्थ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर इसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ा जाएगा, अभी आदेश नहीं मिला है, पत्र लिखा गया है।