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कैमरे में कैद होने लगे बाघ

Wed, 03 May 2017 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 May 2017 10:44 PM IST
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Tiger begins to be captured in camera
कतर्नियाघाट सेंक्चुरी में विचरण करने वाले वनराजों की गणना का कार्य शुरू हो गया है। चिन्हित 125 स्टेशनों पर 250 थर्मो सेंसर कैमरे लगाए गए हैं। डेढ़ माह तक बाघों की गतिविधियां कैमरे में कैद होंगी। इसके बाद रिपोर्ट देहरादून वन्यजीव संस्थान भेजी जाएगी। वहां पर कैमरे में क्लिक बाघों के चित्र से उनकी गिनती का काम होगा। फिर पर्यावरण वन मंत्रालय बाघों की संख्या को सार्वजनिक करेगा।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा पर 551 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस सेंक्चुरी में सात रेंज हैं। इनमें मोतीपुर और ककरहा रेंज बफर जोन में आता है। जबकि कतर्नियाघाट, मुर्तिहा, निशानगाड़ा, सुजौली और रमपुरवा वन रेंज कोर जोन में शामिल है। अमर उजाला से बातचीत में प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि बाघों की गणना के लिए 125 स्टेशन चिन्हित किए गए थे।
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इन सभी स्टेशनों पर थर्मो सेंसर कैमरे लगा दिए गए हैं। 250 कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुर्तिहा, निशानगाड़ा, कतर्नियाघाट और सुजौली रेंज में बाघों की गतिविधियां अधिक रहती हैं। जिसके कारण इन रेंजों में खास ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आटोमेटिक थर्मो सेंसर कैमरे बाघों के सामने पहुंचने पर अपने आप क्लिक होकर उनका चित्र ले लेंगे। एक माह से डेढ़ माह तक कैमरा ट्रैपिंग का कार्य चलेगा। इसके बाद कैमरे में क्लिक चित्र के आधार पर बाघों की गणना का कार्य शुरू होगा।
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सप्ताह में एकबार एकत्र होगा डाटा
डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि जो कैमरे लगाए गए हैं। उन कैमरों में चिप लगी हुई है। सप्ताह में एकबार विशेषज्ञ मौके पर पहुंचकर चिप से डाटा एकत्र करेंगे। इस डाटा को सुरक्षित रखा जाएगा।

डब्ल्यडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजनाधिकारी दबीर हसन ने बताया कि बाघ गणना विशेष प्रणव चंचलानी और आशीष विष्टा के साथ सहायक परियोजनाधिकारी कंधईलाल और वे स्वयं डाटा एकत्रित करने के लिए लगाए गए हैं। सप्ताह भर बाद से डाटा एकत्र कर उसे सीडी में सुरक्षित करने की कवायद शुरू होगी।


डीएफओ जीपी सिंह ने बताया कि कैमरा ट्रैपिंग बाघों की गणना की अत्याधुनिक तकनीक है। बाघ का आवास परिक्षेत्र 15 वर्ग किलोमीटर माना जाता है। इसी टेरीटरी में दो किलोमीटर के अंतराल पर कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे सामने से गुजरने वाले बाघ की तस्वीर को कैद करेंगे। प्रत्येक बाघ की धारियां अलग होती हैं। इन्हीं धारियों के सहारे सेंक्चुरी में कितने बाघ हैं, इसकी गणना हो सकेगी।
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