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Bahraich News: स्ट्रेचर है नहीं, गोद में उठा कर ले जाना पड़ा मरीज
Wed, 03 Sep 2025 02:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 03 Sep 2025 02:05 AM IST
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बहराइच मेडिकल कॉलेज में गोद में उठाकर मरीज को ले जाता युवक। -संवाद
बहराइच। मेडिकल कॉलेज का हाल एक बार फिर बेकाबू हो गया है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को स्ट्रेचर तक नसीब नहीं हो रहा। मंगलवार को परिजन मजबूरी में गंभीर मरीजों को गोद में उठाकर इमरजेंसी ले जाते दिखे। सुबह से ही पंजीकरण काउंटर पर लंबी लाइन लग गई, दोपहर तक दो हजार से ज्यादा रोगियों का परचा कट चुका था।
अस्पताल के सभी वार्डों में बेड फुल हो चुके हैं। अचानक बुखार और वायरल के मरीज बढ़ जाने से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चरमराई दिखी। संसाधन कम पड़ने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। जरवल रोड से आए दिनेश कुमार ने बताया कि स्ट्रेचर के लिए बहुत प्रयास किया, लगभग आधे घंटे इंतजार में खड़े रहने के बावजूद स्ट्रेचर न मिलने पर मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक ले गए।
लगभग यही हाल अन्य मरीजों का भी रहा। स्ट्रेचर न मिलने से गोद में या चारपाई पर उठाकर मरीज को अंदर ले जाना पड़ रहा है। इससे न केवल गंभीर मरीजों की जान को खतरा बढ़ रहा है, बल्कि परिजन भी परेशान हैं।
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वार्डों में जगह न होने से मरीज फर्श पर बैठकर इलाज कराते दिखे। परचा कटवाने के लिए भी घंटों लंबी लाइनें लगीं। वार्डों के बरामदों में भी बेड लगे हुए हैं, जिन पर मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर रोगी मौसमी और तेज बुखार की चपेट में हैं।
जिम्मेदारों का दावा, संसाधन पर्याप्त
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अरविंद शुक्ला ने दावा किया कि संसाधन पर्याप्त हैं और किसी को दिक्कत नहीं होने दी जा रही। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर न मिलने की शिकायत है, तो उसकी जांच की जाएगी।
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अस्पताल के सभी वार्डों में बेड फुल हो चुके हैं। अचानक बुखार और वायरल के मरीज बढ़ जाने से मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चरमराई दिखी। संसाधन कम पड़ने से अफरा-तफरी का माहौल रहा। जरवल रोड से आए दिनेश कुमार ने बताया कि स्ट्रेचर के लिए बहुत प्रयास किया, लगभग आधे घंटे इंतजार में खड़े रहने के बावजूद स्ट्रेचर न मिलने पर मरीज को गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक ले गए।
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लगभग यही हाल अन्य मरीजों का भी रहा। स्ट्रेचर न मिलने से गोद में या चारपाई पर उठाकर मरीज को अंदर ले जाना पड़ रहा है। इससे न केवल गंभीर मरीजों की जान को खतरा बढ़ रहा है, बल्कि परिजन भी परेशान हैं।
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वार्डों में जगह न होने से मरीज फर्श पर बैठकर इलाज कराते दिखे। परचा कटवाने के लिए भी घंटों लंबी लाइनें लगीं। वार्डों के बरामदों में भी बेड लगे हुए हैं, जिन पर मरीज भर्ती हैं। ज्यादातर रोगी मौसमी और तेज बुखार की चपेट में हैं।
जिम्मेदारों का दावा, संसाधन पर्याप्त
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. अरविंद शुक्ला ने दावा किया कि संसाधन पर्याप्त हैं और किसी को दिक्कत नहीं होने दी जा रही। उन्होंने कहा कि यदि किसी मरीज को स्ट्रेचर न मिलने की शिकायत है, तो उसकी जांच की जाएगी।