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शिक्षकों के कक्षा शिक्षण का हाेगा मूल्यांकन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2016 09:34 PM IST
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जिले के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में नई नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों के कक्षा शिक्षण का मूल्यांकन किया जाएगा। साल भर में तैनाती के दौरान कक्षा शिक्षण में क्या अंतर आया तथा शिक्षण की गुणवत्ता की स्थिति का आंकलन खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे।
जो रिपोर्ट बीएसए को मिलेगी, उस आधार पर शिक्षकों को पुरस्कृत और दंडित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की इस नई कवायद से प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती पाने वाले नये शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
जिले के 14 विकास खंडों में 2470 प्राथमिक और 983 जूनियर विद्यालय स्थापित हैं। इन स्कूलों में वर्ष भर के अंदर लगभग 1800 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। शिक्षकों की भारी संख्या में तैनाती के बावजूद कक्षा शिक्षण में सुधार नहीं हो रहा है। आए दिन कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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छात्र के साथ ही शिक्षक भी अधिकारियों और अन्य मुआयना करने वाले हाकिमों के सवालों का माकूल जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसको देखते हुए नई तैनाती पाने वाले शिक्षकों के शिक्षण कार्य का मूल्यांकन करने की योजना जिला बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से बनाई गई है।
शासन के निर्देश पर योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी क्षेत्र के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करेंगे।
कक्षा शिक्षण की स्थिति जांचने के लिए गणित, विज्ञान, सामाजिक विषय, अंग्रेजी और संस्कृत की कक्षा में शिक्षण कार्य का मूल्यांकन करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। बीएसए ने कहा कि अगर कक्षा शिक्षण की स्थिति में शिक्षक कमजोर निकले तो उन्हें बैड इंट्री दी जाएगी।
सेवा पुस्तिका में भी इसका अंकन किया जाएगा। अगर कक्षा शिक्षण बेहतर मिला तो संबंधित शिक्षक को खंड शिक्षा कार्यालय पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
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जो रिपोर्ट बीएसए को मिलेगी, उस आधार पर शिक्षकों को पुरस्कृत और दंडित किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग की इस नई कवायद से प्राथमिक विद्यालयों में तैनाती पाने वाले नये शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
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जिले के 14 विकास खंडों में 2470 प्राथमिक और 983 जूनियर विद्यालय स्थापित हैं। इन स्कूलों में वर्ष भर के अंदर लगभग 1800 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। शिक्षकों की भारी संख्या में तैनाती के बावजूद कक्षा शिक्षण में सुधार नहीं हो रहा है। आए दिन कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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छात्र के साथ ही शिक्षक भी अधिकारियों और अन्य मुआयना करने वाले हाकिमों के सवालों का माकूल जवाब नहीं दे पा रहे हैं। इसको देखते हुए नई तैनाती पाने वाले शिक्षकों के शिक्षण कार्य का मूल्यांकन करने की योजना जिला बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से बनाई गई है।
शासन के निर्देश पर योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारी क्षेत्र के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करेंगे।
कक्षा शिक्षण की स्थिति जांचने के लिए गणित, विज्ञान, सामाजिक विषय, अंग्रेजी और संस्कृत की कक्षा में शिक्षण कार्य का मूल्यांकन करेंगे। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करेंगे। बीएसए ने कहा कि अगर कक्षा शिक्षण की स्थिति में शिक्षक कमजोर निकले तो उन्हें बैड इंट्री दी जाएगी।
सेवा पुस्तिका में भी इसका अंकन किया जाएगा। अगर कक्षा शिक्षण बेहतर मिला तो संबंधित शिक्षक को खंड शिक्षा कार्यालय पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।