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Bahraich News: सड़क पर मौत की रफ्तार उजाड़ रही परिवार
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बहराइच। जिले की सड़कों पर रफ्तार अब सीधे मौत का कारण बनती जा रही है। रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुए भीषण हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। पहले बहराइच-नानपारा मार्ग पर कंबाइन से टकराकर कार में सवार चार दोस्तों की मौत हो गई, और दो युवकों की जिंदगी दांव पर लग गई। इसके कुछ घंटों बाद ही नानपारा-लखीमपुर मार्ग पर बहराइच-खीरी सीमा के पास मैजिक और ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में 10 लोगों की जान चली गई। इनमें छह लोग बहराइच जिले के थे।
हादसों में मारे गए अधिकतर लोग मेहनत-मजदूरी, व्यापार और नौकरी से जुड़े थे। मिहींपुरवा निवासी व्यापारी राजेश गोयल व्यापार के सिलसिले में निकले थे, जबकि मोतीपुर इलाके के जयवीर सिंह सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और बेहतर भविष्य के सपनों के साथ घर लौट रहे थे। जिले में बीते चार महीनों में सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, नशे में वाहन चलाना और भारी वाहनों की लापरवाही हादसों का कारण बन रही है। कई जगहों पर हाईवे किनारे खड़े वाहन भी जानलेवा साबित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम हो चुकी है। बाइक सवार बिना हेलमेट और कार चालक बिना सीट बेल्ट सफर कर रहे हैं। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण न होने से हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। (संवाद)
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हादसों से कैसे बचें
-दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें।
-कार में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
-ओवरटेकिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें।
-थकान या नींद आने पर वाहन न चलाएं।
-नशे की हालत में ड्राइविंग बिल्कुल न करें।
-रात में हाई बीम और तेज गति से बचें
-सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से दूरी बनाकर चलें।
एएसपी बोले, गति सीमा का पालन जरूरी
एएसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने कहा कि अधिकांश सड़क हादसे तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हो रहे हैं। वाहन चालकों को गति सीमा नियंत्रित रखनी चाहिए। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया चालक सीट बेल्ट का प्रयोग जरूर करें। यातायात नियमों का पालन ही सड़क हादसों को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
चार माह में हादसों में 252 लोगों की मौत
माह
हादसे
मौतें
घायल
जनवरी
118
52
96
फरवरी
104
47
88
मार्च
126
63
109
अप्रैल
132
61
117
मई 78
32 69
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हादसों में मारे गए अधिकतर लोग मेहनत-मजदूरी, व्यापार और नौकरी से जुड़े थे। मिहींपुरवा निवासी व्यापारी राजेश गोयल व्यापार के सिलसिले में निकले थे, जबकि मोतीपुर इलाके के जयवीर सिंह सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और बेहतर भविष्य के सपनों के साथ घर लौट रहे थे। जिले में बीते चार महीनों में सड़क हादसों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, नशे में वाहन चलाना और भारी वाहनों की लापरवाही हादसों का कारण बन रही है। कई जगहों पर हाईवे किनारे खड़े वाहन भी जानलेवा साबित हो रहे हैं।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी आम हो चुकी है। बाइक सवार बिना हेलमेट और कार चालक बिना सीट बेल्ट सफर कर रहे हैं। रात के समय तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण न होने से हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। (संवाद)
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हादसों से कैसे बचें
-दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें।
-कार में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
-ओवरटेकिंग करते समय पूरी सावधानी बरतें।
-थकान या नींद आने पर वाहन न चलाएं।
-नशे की हालत में ड्राइविंग बिल्कुल न करें।
-रात में हाई बीम और तेज गति से बचें
-सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों से दूरी बनाकर चलें।
एएसपी बोले, गति सीमा का पालन जरूरी
एएसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने कहा कि अधिकांश सड़क हादसे तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हो रहे हैं। वाहन चालकों को गति सीमा नियंत्रित रखनी चाहिए। दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया चालक सीट बेल्ट का प्रयोग जरूर करें। यातायात नियमों का पालन ही सड़क हादसों को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
चार माह में हादसों में 252 लोगों की मौत
माह
हादसे
मौतें
घायल
जनवरी
118
52
96
फरवरी
104
47
88
मार्च
126
63
109
अप्रैल
132
61
117
मई 78
32 69