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बाघिन की दहाड़ से ग्रामीणों में दहशत

Fri, 17 Mar 2017 10:40 PM IST
अमर उजाला/बहराइच
अमर उजाला/बहराइच Updated Fri, 17 Mar 2017 10:40 PM IST
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Terror in the villagers from the roar of tigress
tiger
मोतीपुर रेंज के बलसिंहपुर व लोधन लगदिहा गांव में बाघिन की दहाड़ से ग्रामीण दहशत में हैं। 14 दिन से प्रतिदिन रात में बाघिन की दहाड़ से लोग सो नहीं पा रहे हैं। बाघिन कभी खेत तो कभी झाड़ियों में शावकों के साथ दिखाई पड़ रही है। इससे गांव के लोग शाम होते ही घरों में दुबक जाते हैं। ग्रामीण खेतों को भी नहीं जा पा रहे हैं। वहीं, वन विभाग पूरी तरह से सुस्त दिख रहा है। एक दिन की कांबिंग के बाद सभी ने किनारा कस लिया है। 
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मोतीपुर रेंज के अंतर्गत बलसिंहपुर गांव जंगल से 500 मीटर की दूरी पर स्थित है। गांव के पास बाघिन अपने दो शावकों के साथ प्रतिदिन दिख रही है। रात में गन्ने के खेतों से बाघिन की दहाड़ से ग्रामीण घरों में भी सो नहीं पा रहे। वहीं रात में घरों से बाहर निकलने की हिम्मत लोगों की नहीं हो रही है।
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14 दिन से ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं। इसकी सूचना ग्रामीणों ने मोतीपुर रेंज कार्यालय पर दी थी। वन क्षेत्राधिकारी ने 10 सदस्यीय टीम भी गठित की थी, लेकिन एक दिन की कांबिंग के बाद वनकर्मियों ने किनारा कस लिया।
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ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग उन सभी पर क्षेत्र में तेंदुआ होने का दबाव बनवाकर प्रार्थना पत्र लिखवाने की कोशिश में जुटा है। ऐसे में वन विभाग की यह नजरंदाजी मानव वन्यजीव संघर्ष का भी सबब बन सकती है।

गौरतलब हो कि क्षेत्र में दिख रही मादा बाघिन अब बलसिंहपुर के साथ ही लोधन लगदिहा गांव तक शावकों के साथ दिखाई पड़ रही है। बाघिन ने बलसिंहपुर निवासी बीरबल की एक बकरी, रामलखन की दो बकरियां व लोधन लगदिहा गांव निवासी जलवर्षा व रामादेवी की एक-एक बकरी के अलावा दो कुत्तों को निवाला बना लिया है।

जिला पंचायत सदस्य सतीश पोरवाल का कहना है कि निरंतर वन विभाग को बाघिन के हमलों की सूचना दी जा रही है, लेकिन विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।


उधर, इस मामले में वन क्षेत्राधिकारी खुर्शीद आलम का कहना है कि टीम क्षेत्र में लगातार गश्त कर रही है। गोले पटाखे भी दागे जा रहे हैं। ग्रामीणों को भी सजग रहना होगा। प्रयास है कि वन्यजीव शावकों के साथ जंगल की ओर चली जाए। उसके मूवमेंट पर भी नजर रखी जा रही है।
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