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Bahraich News: स्वतंत्रता आंदोलन के साक्षी स्टीलगंज तालाब का होगा सुंदरीकरण
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बहराइच में स्थित स्टीलगंज तालाब।
बहराइच। शहर के बीचोबीच स्थित ऐतिहासिक स्टीलगंज तालाब अब नए स्वरूप में नजर आएगा। आजादी के आंदोलन की यादों और शहर की विरासत को समेटे इस तालाब के सुंदरीकरण के लिए शासन ने 1.86 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। नगर पालिका परिषद की योजना के अनुसार तालाब को केवल सुंदर ही नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसकी ऐतिहासिक पहचान को भी संरक्षित किया जाएगा।
नगर पालिका अध्यक्ष सुधा टेकड़ीवाल ने बताया कि स्टीलगंज तालाब को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए उसका मूल स्वरूप भी बरकरार रखा जाएगा। तालाब के चारों ओर पक्के घाट और सीढ़ियों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित ढंग से तालाब तक पहुंच सकें। बैठने के लिए आकर्षक बेंच लगाई जाएंगी तथा हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण होगा।
अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम करन टेकड़ीवाल ने बताया कि स्टीलगंज तालाब शहर की ऐतिहासिक धरोहर है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में यहां क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की बैठकों का उल्लेख मिलता है। इसलिए सुंदरीकरण के दौरान तालाब की ऐतिहासिकता को भी सहेजा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली अतीत से परिचित हो सकें। शहरवासियों का मानना है कि लंबे समय से उपेक्षा का शिकार यह तालाब अब पर्यटन और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
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ये काम किए जाएंगे
-तालाब का गहरीकरण और मूल स्वरूप का संरक्षण।
-चारों ओर पक्के घाट व सीढ़ियों का निर्माण।
-बैठने के लिए आकर्षक बेंच की व्यवस्था।
-सौंदर्यीकरण के लिए हरित पट्टी और पौधरोपण।
-प्रकाश व्यवस्था और पैदल भ्रमण पथ का निर्माण।
-ऐतिहासिक महत्व दर्शाने वाले सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
-लोगों के लिए विकसित होगा आकर्षक सार्वजनिक स्थल।
शहर की पुरानी पहचान है तालाब
स्टीलगंज तालाब बहराइच शहर की पुरानी पहचान माना जाता है। स्थानीय इतिहासकारों के अनुसार स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह क्षेत्र जन चर्चाओं और राष्ट्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहा। तालाब के आसपास होने वाली बैठकों में आजादी की रणनीतियों पर चर्चा होती थी। इसी कारण यह तालाब केवल जलाशय नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक स्मृतियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
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नगर पालिका अध्यक्ष सुधा टेकड़ीवाल ने बताया कि स्टीलगंज तालाब को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए उसका मूल स्वरूप भी बरकरार रखा जाएगा। तालाब के चारों ओर पक्के घाट और सीढ़ियों का निर्माण कराया जाएगा, ताकि लोग सुरक्षित ढंग से तालाब तक पहुंच सकें। बैठने के लिए आकर्षक बेंच लगाई जाएंगी तथा हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पौधरोपण होगा।
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अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम करन टेकड़ीवाल ने बताया कि स्टीलगंज तालाब शहर की ऐतिहासिक धरोहर है। स्वतंत्रता संग्राम के दौर में यहां क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों की बैठकों का उल्लेख मिलता है। इसलिए सुंदरीकरण के दौरान तालाब की ऐतिहासिकता को भी सहेजा जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने गौरवशाली अतीत से परिचित हो सकें। शहरवासियों का मानना है कि लंबे समय से उपेक्षा का शिकार यह तालाब अब पर्यटन और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
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ये काम किए जाएंगे
-तालाब का गहरीकरण और मूल स्वरूप का संरक्षण।
-चारों ओर पक्के घाट व सीढ़ियों का निर्माण।
-बैठने के लिए आकर्षक बेंच की व्यवस्था।
-सौंदर्यीकरण के लिए हरित पट्टी और पौधरोपण।
-प्रकाश व्यवस्था और पैदल भ्रमण पथ का निर्माण।
-ऐतिहासिक महत्व दर्शाने वाले सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
-लोगों के लिए विकसित होगा आकर्षक सार्वजनिक स्थल।
शहर की पुरानी पहचान है तालाब
स्टीलगंज तालाब बहराइच शहर की पुरानी पहचान माना जाता है। स्थानीय इतिहासकारों के अनुसार स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह क्षेत्र जन चर्चाओं और राष्ट्रवादी गतिविधियों का केंद्र रहा। तालाब के आसपास होने वाली बैठकों में आजादी की रणनीतियों पर चर्चा होती थी। इसी कारण यह तालाब केवल जलाशय नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक स्मृतियों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।