{"_id":"683f63bbc0b18f4fb40f430f","slug":"self-financed-teachers-are-hurt-due-to-not-getting-rights-as-per-ugc-standards-bahraich-news-c-98-1-bhr1003-131684-2025-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: यूजीसी मानकों के अनुसार अधिकार न मिलने से स्ववित्तपोषित शिक्षक आहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: यूजीसी मानकों के अनुसार अधिकार न मिलने से स्ववित्तपोषित शिक्षक आहत
Wed, 04 Jun 2025 02:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 04 Jun 2025 02:36 AM IST
विज्ञापन
बहराइच। किसान पीजी कॉलेज के स्ववित्त पोषित शिक्षकों ने यूजीसी मानकों के अनुसार अधिकार दिए जाने की मांग उठाई है। शिक्षकों ने कॉलेज की भूगोल प्रयोगशाला में बैठक कर अपना दर्द बयां किया। उन्होंने जिम्मेदारों पर अकादमिक शोषण का आरोप लगाकर निंदा प्रस्ताव भी पारित किया।
बैठक में डॉ. शिव कुमार मिश्र ने महाविद्यालय के शिक्षकों को यूजीसी मानक के अनुसार अधिकारों से वंचित रखने के लिए खेद व्यक्त किया। डॉ. राहुल सिंह ने स्ववित्तपोषित शिक्षकों से शासन द्वारा एकजुट होकर विनियमितिकरण की मांग पर विचार करने को प्रेरित किया और पीएचडी समन्वयक के स्ववित्तपोषित शिक्षकों के प्रति गलत रवैये की निंदा की। डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने परीक्षा कक्ष में स्ववित्तपोषित शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी सहायता करने में सहयोग के लिए प्रेरित किया। डॉ. संतोष सिंह ने प्राचार्य द्वारा स्ववित्तपोषित शिक्षकों के मानसिक उत्पीड़न करने की घोर निंदा की। संघ अध्यक्ष डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने महाविद्यालय में प्राचार्य द्वारा स्ववित्तपोषित शिक्षकों के साथ अन्याय करने को अनैतिक और शोषण करने वाली मानसिकता से प्रेरित बताया।
बैठक में शामिल अन्य शिक्षकों में डॉ. रश्मि मिश्रा, डॉ. पीएल त्रिपाठी, डॉ. स्मृति वर्मा, डॉ. सतीश सिंह, डॉ. गजाला खातून, डॉ. अर्चना निगम, डॉ. ज्योति रस्तोगी, डॉ. वैजनाथ श्रीवास्तव, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. राम बदन वर्मा, डॉ. अंजनी शुक्ल, डॉ. सुधा शुक्ल, डॉ. राजू प्रसाद, डॉ. अखिलेश उपाध्याय, डॉ. मेराजुद्दीन, डॉ. जीतेंद्र चौधरी सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक में डॉ. शिव कुमार मिश्र ने महाविद्यालय के शिक्षकों को यूजीसी मानक के अनुसार अधिकारों से वंचित रखने के लिए खेद व्यक्त किया। डॉ. राहुल सिंह ने स्ववित्तपोषित शिक्षकों से शासन द्वारा एकजुट होकर विनियमितिकरण की मांग पर विचार करने को प्रेरित किया और पीएचडी समन्वयक के स्ववित्तपोषित शिक्षकों के प्रति गलत रवैये की निंदा की। डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने परीक्षा कक्ष में स्ववित्तपोषित शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश में भी सहायता करने में सहयोग के लिए प्रेरित किया। डॉ. संतोष सिंह ने प्राचार्य द्वारा स्ववित्तपोषित शिक्षकों के मानसिक उत्पीड़न करने की घोर निंदा की। संघ अध्यक्ष डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने महाविद्यालय में प्राचार्य द्वारा स्ववित्तपोषित शिक्षकों के साथ अन्याय करने को अनैतिक और शोषण करने वाली मानसिकता से प्रेरित बताया।
विज्ञापन
बैठक में शामिल अन्य शिक्षकों में डॉ. रश्मि मिश्रा, डॉ. पीएल त्रिपाठी, डॉ. स्मृति वर्मा, डॉ. सतीश सिंह, डॉ. गजाला खातून, डॉ. अर्चना निगम, डॉ. ज्योति रस्तोगी, डॉ. वैजनाथ श्रीवास्तव, डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह, डॉ. राम बदन वर्मा, डॉ. अंजनी शुक्ल, डॉ. सुधा शुक्ल, डॉ. राजू प्रसाद, डॉ. अखिलेश उपाध्याय, डॉ. मेराजुद्दीन, डॉ. जीतेंद्र चौधरी सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।
विज्ञापन