{"_id":"6aa9a3499ddfdd07fb043afc","slug":"saryu-swells-85-bighas-of-land-submerged-in-the-river-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-156843-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: सरयू उफनाई, 85 बीघा जमीन नदी में समाहित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: सरयू उफनाई, 85 बीघा जमीन नदी में समाहित
Wed, 16 Sep 2026 01:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:28 AM IST
विज्ञापन
मिहींपुरवा में संपतपुरवा के पास कटान कर रही सरयू नदी।
बहराइच। सरयू नदी के जलस्तर में मंगलवार दोपहर बाद फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई। कटान तेज हो गई है। एल्गिन ब्रिज पर शाम चार बजे नदी का जलस्तर 105.92 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर नीचे है। दोपहर बाद जलस्तर करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने और शाम तक 3.19 लाख क्यूसेक पानी पहुंचने से अगले 24 घंटे में नदी के फिर उफान पर आने की आशंका बढ़ गई है।
महसी तहसील के मांझा, लोनियनपुरवा, तुरंतीपुरवा, जोधेपुरवा, महंतपुरवा, यादवपुरी, गोलागंज, कोठार, पिपरा और पिपरी समेत कई गांवों के लोग एक बार फिर बाढ़ की आशंका से सहमे हैं। पिपरा निवासी राधेश्याम और तुरंतीपुरवा निवासी राम सजीवन ने बताया कि दोपहर बाद से जिस तरह नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक राहत और बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
उधर, मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान भी लगातार जारी है। संपतपुरवा, धर्मपुर रेतिया और रामपुर रेतिया गांवों के निकट नदी तेजी से खेती योग्य जमीन को काट रही है। पिछले 24 घंटे में नदी की लहरों ने करीब 85 बीघा खेती योग्य जमीन को निगल लिया है।
विज्ञापन
लेखपाल संजय सिंह ने बताया कि कटान की चपेट में आ रही जमीन वन क्षेत्र में आती है। इस क्षेत्र में ग्रामीण खेती कर रहे थे। वन क्षेत्र में आने के कारण कटान से प्रभावित जमीन का मुआवजा ग्रामीणों को नहीं मिल सकेगा।
फसल को चारे के रूप में काट रहे ग्रामीण
मिहींपुरवा इलाके में कटान की स्थिति गंभीर बनी हुई है। संपतपुरवा, धर्मपुर रेतिया और रामपुर रेतिया गांवों के निकट जो खेत कटान की जद में हैं उन खेतों मूंग और धान की फसल लगी है। फसल बर्बाद होने की आशंका से किसान अधपकी फसल काटकर पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
डिस्चार्ज हो रहा 3,19,564 क्यूसेक पानी
बाढ़ खंड के उपखंड अधिकारी नंदू दास ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी समेत अन्य बैराजों से पानी का डिस्चार्ज किया गया है। एल्गिन ब्रिज पर शाम चार बजे कुल डिस्चार्ज 3,19,564 क्यूसेक दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह तक जलस्तर में और बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। महसी तहसील प्रशासन ने राजस्व टीम को सक्रिय कर दिया है। तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि राजस्व टीम क्षेत्र में लगी हुई है और ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
महसी तहसील के मांझा, लोनियनपुरवा, तुरंतीपुरवा, जोधेपुरवा, महंतपुरवा, यादवपुरी, गोलागंज, कोठार, पिपरा और पिपरी समेत कई गांवों के लोग एक बार फिर बाढ़ की आशंका से सहमे हैं। पिपरा निवासी राधेश्याम और तुरंतीपुरवा निवासी राम सजीवन ने बताया कि दोपहर बाद से जिस तरह नदी का जलस्तर बढ़ रहा है, उससे एक बार फिर बाढ़ जैसी स्थिति बनने की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक राहत और बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
उधर, मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी की कटान भी लगातार जारी है। संपतपुरवा, धर्मपुर रेतिया और रामपुर रेतिया गांवों के निकट नदी तेजी से खेती योग्य जमीन को काट रही है। पिछले 24 घंटे में नदी की लहरों ने करीब 85 बीघा खेती योग्य जमीन को निगल लिया है।
विज्ञापन
लेखपाल संजय सिंह ने बताया कि कटान की चपेट में आ रही जमीन वन क्षेत्र में आती है। इस क्षेत्र में ग्रामीण खेती कर रहे थे। वन क्षेत्र में आने के कारण कटान से प्रभावित जमीन का मुआवजा ग्रामीणों को नहीं मिल सकेगा।
फसल को चारे के रूप में काट रहे ग्रामीण
मिहींपुरवा इलाके में कटान की स्थिति गंभीर बनी हुई है। संपतपुरवा, धर्मपुर रेतिया और रामपुर रेतिया गांवों के निकट जो खेत कटान की जद में हैं उन खेतों मूंग और धान की फसल लगी है। फसल बर्बाद होने की आशंका से किसान अधपकी फसल काटकर पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
डिस्चार्ज हो रहा 3,19,564 क्यूसेक पानी
बाढ़ खंड के उपखंड अधिकारी नंदू दास ने बताया कि मंगलवार शाम चार बजे चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी समेत अन्य बैराजों से पानी का डिस्चार्ज किया गया है। एल्गिन ब्रिज पर शाम चार बजे कुल डिस्चार्ज 3,19,564 क्यूसेक दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह तक जलस्तर में और बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। महसी तहसील प्रशासन ने राजस्व टीम को सक्रिय कर दिया है। तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि राजस्व टीम क्षेत्र में लगी हुई है और ग्रामीणों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।