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Bahraich News: महंतपुरवा की ओर बढ़ रही सरयू, 25 घरों पर मंडराया संकट
Tue, 09 Sep 2025 01:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 09 Sep 2025 01:05 AM IST
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महसी के महंतपुरवा में खेतों में कटान कर रही सरयू नदी। - स्रोत : ग्रामीण
बहराइच। एल्गिन ब्रिज पर सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान से नौ सेमी नीचे पहुंच गया, ऐसे में कटान तेज हो गया है। महसी तहसील का महंतपुरवा गांव सीधे नदी के निशाने पर आ गया है। नदी और गांव के बीच अब सिर्फ 200 मीटर का फासला बचा है, इससे गांव के करीब 25 घरों पर संकट मंडरा रहा है। रात से अब तक 30 बीघा खेत नदी में समा गए हैं।
सरयू का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर सोमवार को 105.98 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से नौ सेमी नीचे है। जलस्तर में कमी के साथ ही अचानक कटान तेज हो गया है। रविवार रात से सोमवार दोपहर तक धान की करीब 30 बीघा लहलहाती फसल सरयू की लहरों में बह गई।
पूरे प्रसाद ग्राम पंचायत के मजरा महंत पुरवा में इस समय 25 घर हैं, आबादी ढाई सौ के करीब है। कटान की रफ्तार देखकर गांव के लोगों की नींद उड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की लहरें लगातार गांव की ओर बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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गांव निवासी पिंटू सिंह और रिंकू बताते हैं कि उनके हरे-भरे धान के खेत रात से सुबह तक नदी में कट चुके हैं। अगर यही हाल रहा, तो जल्द ही गांव का नाम भी नक्शे से मिट जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि तुरंत कटान रोकने की कार्यवाही की जाए, वरना महंतपुरवा गांव सरयू के आगोश में समा जाएगा। परेशान ग्रामीण अपने घर-बार को बचाने की जुगत में लग गए हैं।
राजस्वकर्मी रख रहे हैं नजर
तहसीलदार विकास कुमार ने कहा कि महंतपुरवा गांव के पास कटान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कटान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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सरयू का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर सोमवार को 105.98 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 106.07 मीटर से नौ सेमी नीचे है। जलस्तर में कमी के साथ ही अचानक कटान तेज हो गया है। रविवार रात से सोमवार दोपहर तक धान की करीब 30 बीघा लहलहाती फसल सरयू की लहरों में बह गई।
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पूरे प्रसाद ग्राम पंचायत के मजरा महंत पुरवा में इस समय 25 घर हैं, आबादी ढाई सौ के करीब है। कटान की रफ्तार देखकर गांव के लोगों की नींद उड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी की लहरें लगातार गांव की ओर बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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गांव निवासी पिंटू सिंह और रिंकू बताते हैं कि उनके हरे-भरे धान के खेत रात से सुबह तक नदी में कट चुके हैं। अगर यही हाल रहा, तो जल्द ही गांव का नाम भी नक्शे से मिट जाएगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि तुरंत कटान रोकने की कार्यवाही की जाए, वरना महंतपुरवा गांव सरयू के आगोश में समा जाएगा। परेशान ग्रामीण अपने घर-बार को बचाने की जुगत में लग गए हैं।
राजस्वकर्मी रख रहे हैं नजर
तहसीलदार विकास कुमार ने कहा कि महंतपुरवा गांव के पास कटान की सूचना मिली है। राजस्वकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कटान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।