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बहराइच में नगर पालिका के सीमा विस्तार पर हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब, स्थानीय लोगों ने दी थी याचिका
Sun, 07 Feb 2021 06:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बहराइच
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 06:18 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
नगर पालिका के सीमा विस्तार को लेकर स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। मामले मेें शहर के नाजिरपुरा निवासी एक समाजसेवी ने सीमा विस्तार मेें नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच मेें जनहित याचिका दायर कर अधिसूचना निरस्त करने की मांग की है। याचिका स्वीकार करते हुए न्यायाधीशों ने शासन से जवाब मांगा है।
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नगर पालिका परिषद प्रशासन की ओर से अभी हाल ही में एक अधिसूचना जारी करके शहर के सटे पांच गांवों को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल किया था। अधिसूचना जारी होने के बाद से ही नगर के प्रबुद्ध वर्ग व समाजसेवियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। मामले मेें शहर के नाजिपुरा निवासी इकबाल अहमद ने हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव त्रिपाठी के माध्यम से एक जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा है कि नपाप प्रशासन के सीमा विस्तार करने से पूर्व शहर की जनता को नपाप अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कोई सुनवाई का अवसर प्रदान नहीं किया गया। कहा कि 10 नवंबर 2014 के शासनादेश के अनुसार नपाप के बोर्ड का कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं किया गया है।
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इकबाल ने बताया कि 29 अगस्त 2016 को नपाप के सीमा विस्तार मेें शहर से सटे 14 गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव था। जिसकी पूरी तरह अनदेखी की गई है। इकबाल ने नपाप प्रशासन पर सत्तापक्ष के दबाव मेेें कार्य करने का आरोप लगाते हुए महज पांच गांवों को नगर पालिका की सीमा में शामिल करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जनगणना 2021 के मद्देनजर एक जनवरी 2020 से 31 मार्च 2021 तक नगर पालिकाओं, राजस्व ग्राम, तहसील, पुलिस थाना, विकासखंडों व जिलों की प्रशासनिक सीमाओं में कोई फेरबदल नहीं करने का निर्देश दिया था। मगर नपाप प्रशासन ने इसका भी उल्लंघन करते हुए आनन-फानन मेेें सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी कर दी। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए मामले मेें शासन से जवाब तलब किया है।
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पूर्व नपाप अध्यक्ष ने भी अधिसूचना को ठहराया गलत
नपाप की वर्तमान चेयरमैन रूबीना रेहान के पति व नपाप के पूर्व चेयरमैन हाजी रेहान आढ़ती ने भी अधिसूचना को गलत ठहराते हुए कहा कि इसे जारी करने से पहले नपाप के बोर्ड से न ही कोई प्रस्ताव मांगा गया और न ही अधिसूचना जारी करने से पूर्व बोर्ड का पक्ष लिया गया है। उन्होंने बताया कि नपाप की सीमाओं से सटे कई राजस्व ग्राम हैं, जहां शहरीकरण किया जा चुका है। ऐसे मेेेें अधिसूचना के तहत महज पांच गांवों को नगर पालिका की सीमा में शामिल करने से शेष गांवों के नागरिक नपाप द्वारा सड़क, सीवर, नाली व रोड लाइट आदि सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे।