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ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:56 PM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
हसना धवरिया गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला पुल पांच माह पूर्व टूट गया था। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने की, लेकिन पुल का निर्माण नहीं हुआ। इससे नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। सभी ने चेतावनी दी कि 15 दिन में पुल का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो उपजिलाधिकारी कार्यालय कैसरगंज का घेराव किया जाएगा।
हसना धवरिया के चौराहे पर टूटे हुए पुल की मरम्मत नहीं कराने से नाराज ग्रामीणों ने भाकियू टिकैत गुट के जिला मीडिया प्रभारी अशोक मिश्रा के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मांगपत्र जिलाधिकारी को भेजा।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला मीडिया प्रभारी ने बताया कि पुल का निर्माण आठ वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी ने कराया था। उसके बाद से आज तक देखभाल नहीं की गई। इससे पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसी मार्ग से 33 गांव के लोगों का आवागमन जरवलरोड बाजार के लिए होता है। किसान भी अपना गन्ना वाहनों से चीनीमिल ले जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि पांच माह से पुल टूटा पड़ा है। इसकी जानकारी भी विभाग के अधिकारियों को दी गई है। आज तक प्रशासन द्वारा पुल के मरम्मत के लिए कदम नहीं उठा गया। कहा कि 15 दिन के अंदर पुल को दुरुस्त न किया गया तो किसान मजबूर होकर तहसील मुख्यालय पर उपजिलाधिकारी का घेराव करेंगे। इस दौरान पीर अली, जरीना बानो, निर्मला देवी, अनुराग श्रीवास्तव, शांती प्रकाश श्रीवास्तव, मुख्तार अली समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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हसना धवरिया के चौराहे पर टूटे हुए पुल की मरम्मत नहीं कराने से नाराज ग्रामीणों ने भाकियू टिकैत गुट के जिला मीडिया प्रभारी अशोक मिश्रा के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मांगपत्र जिलाधिकारी को भेजा।
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विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला मीडिया प्रभारी ने बताया कि पुल का निर्माण आठ वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी ने कराया था। उसके बाद से आज तक देखभाल नहीं की गई। इससे पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसी मार्ग से 33 गांव के लोगों का आवागमन जरवलरोड बाजार के लिए होता है। किसान भी अपना गन्ना वाहनों से चीनीमिल ले जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि पांच माह से पुल टूटा पड़ा है। इसकी जानकारी भी विभाग के अधिकारियों को दी गई है। आज तक प्रशासन द्वारा पुल के मरम्मत के लिए कदम नहीं उठा गया। कहा कि 15 दिन के अंदर पुल को दुरुस्त न किया गया तो किसान मजबूर होकर तहसील मुख्यालय पर उपजिलाधिकारी का घेराव करेंगे। इस दौरान पीर अली, जरीना बानो, निर्मला देवी, अनुराग श्रीवास्तव, शांती प्रकाश श्रीवास्तव, मुख्तार अली समेत काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।