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Bahraich News: केबल स्टेड पुल के लिए पिलर निर्माण की तैयारी शुरू
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सरयू नदी में नये पुल निर्माण के लिए शुरू हुआ कार्य व आयी मशीनें।
जरवलरोड। सरयू नदी पर संजय सेतु के समानांतर प्रस्तावित केबल स्टेड पुल का निर्माण अब कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़कर जमीन पर उतरने लगा है। कार्यदायी संस्था ने निर्माण स्थल पर कैंप स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी है। मशीनरी, निर्माण सामग्री और जरूरी उपकरण मौके पर पहुंचने लगे हैं। शुरुआती चरण में नदी के भीतर पुल के पिलर बनाने के लिए अस्थायी पहुंच मार्ग तैयार किया जाएगा।
लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा-बहराइच मार्ग पर संजय सेतु यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन राजधानी लखनऊ के लिए गुजरते हैं। ऐसे में समानांतर केबल स्टेड पुल के निर्माण को क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह पुल छह लेन में विस्तारित किया जा सकेगा।
एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अनंत कुमार मौर्य ने बताया कि कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक की इंजीनियरिंग टीम निर्माण स्थल पर कैंप स्थापित कर रही है। इसके बाद नदी के भीतर भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए अस्थायी मार्ग बनाया जाएगा। मार्ग तैयार होने के बाद पुल के पिलरों की नींव और ढलाई का काम शुरू किया जाएगा।
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पुल की मजबूती व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी क्षेत्र की मिट्टी की विस्तृत भू-तकनीकी जांच भी की जा रही है। जांच में मिट्टी की भार वहन क्षमता, नमी, घनत्व, मजबूती और पाइल फाउंडेशन के लिए उपयुक्त गहराई का आकलन किया जा रहा है। तकनीकी परीक्षणों के आधार पर पुल की नींव का डिजाइन तैयार होगा, ताकि निर्माण सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रहे। इस पुल के बनने से संजय सेतु पर बढ़ते यातायात दबाव में कमी आएगी और लखनऊ से बहराइच के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।
करीब 300 करोड़ रुपये की है परियोजना
संजय सेतु के समानांतर प्रस्तावित सिक्स लेन पुल परियोजना की अनुमानित लागत करीब 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुल के निर्माण के साथ आवश्यक एप्रोच मार्ग और अन्य तकनीकी कार्य भी परियोजना का हिस्सा होंगे।
तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
सिक्स लेन पुल का निर्माण कार्य करीब तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रारंभिक चरण में सरयू नदी के भीतर पिलर निर्माण के लिए अस्थायी पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इसके बाद पाइल फाउंडेशन, पिलरों की नींव और पुल के ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
फैक्ट फाइल
स्थान: सरयू नदी, बहराइच-बाराबंकी सीमा, एनएच-927
पुल की लंबाई: 1130 मीटर
निर्माण तकनीक: अत्याधुनिक केबल-स्टेड तकनीक
पुल की अनुमानित लागत: करीब 300 करोड़ रुपये
परियोजना: बाराबंकी से रूपईडीहा तक सड़क का फोरलेन निर्माण
परियोजना की अनुमानित लागत: करीब 6,969 करोड़ रुपये
पुल की शुरुआती चौड़ाई: चार लेन
भविष्य की योजना: जरूरत के अनुसार छह लेन तक विस्तार संभव
निर्माण अवधि: करीब तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य
विशेष बात: पुल निर्माण की प्रारंभिक तैयारियां और कैंप स्थापित करने का काम पहले ही शुरू
तकनीकी विशेषता: ऊंचे टावरों से जुड़े स्टील के केबल पुल को सहारा देंगे। नदी के बीच कम पिलर बनने से सरयू के प्राकृतिक प्रवाह पर कम असर पड़ेगा।
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लखनऊ-बाराबंकी-गोंडा-बहराइच मार्ग पर संजय सेतु यातायात की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस पुल से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और मालवाहक वाहन राजधानी लखनऊ के लिए गुजरते हैं। ऐसे में समानांतर केबल स्टेड पुल के निर्माण को क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। यह पुल छह लेन में विस्तारित किया जा सकेगा।
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एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अनंत कुमार मौर्य ने बताया कि कार्यदायी संस्था पीएनसी इंफ्राटेक की इंजीनियरिंग टीम निर्माण स्थल पर कैंप स्थापित कर रही है। इसके बाद नदी के भीतर भारी मशीनरी और निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए अस्थायी मार्ग बनाया जाएगा। मार्ग तैयार होने के बाद पुल के पिलरों की नींव और ढलाई का काम शुरू किया जाएगा।
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पुल की मजबूती व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी क्षेत्र की मिट्टी की विस्तृत भू-तकनीकी जांच भी की जा रही है। जांच में मिट्टी की भार वहन क्षमता, नमी, घनत्व, मजबूती और पाइल फाउंडेशन के लिए उपयुक्त गहराई का आकलन किया जा रहा है। तकनीकी परीक्षणों के आधार पर पुल की नींव का डिजाइन तैयार होगा, ताकि निर्माण सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रहे। इस पुल के बनने से संजय सेतु पर बढ़ते यातायात दबाव में कमी आएगी और लखनऊ से बहराइच के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।
करीब 300 करोड़ रुपये की है परियोजना
संजय सेतु के समानांतर प्रस्तावित सिक्स लेन पुल परियोजना की अनुमानित लागत करीब 300 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुल के निर्माण के साथ आवश्यक एप्रोच मार्ग और अन्य तकनीकी कार्य भी परियोजना का हिस्सा होंगे।
तीन साल में काम पूरा करने का लक्ष्य
सिक्स लेन पुल का निर्माण कार्य करीब तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रारंभिक चरण में सरयू नदी के भीतर पिलर निर्माण के लिए अस्थायी पहुंच मार्ग बनाया जाएगा। इसके बाद पाइल फाउंडेशन, पिलरों की नींव और पुल के ढांचे का निर्माण किया जाएगा।
फैक्ट फाइल
स्थान: सरयू नदी, बहराइच-बाराबंकी सीमा, एनएच-927
पुल की लंबाई: 1130 मीटर
निर्माण तकनीक: अत्याधुनिक केबल-स्टेड तकनीक
पुल की अनुमानित लागत: करीब 300 करोड़ रुपये
परियोजना: बाराबंकी से रूपईडीहा तक सड़क का फोरलेन निर्माण
परियोजना की अनुमानित लागत: करीब 6,969 करोड़ रुपये
पुल की शुरुआती चौड़ाई: चार लेन
भविष्य की योजना: जरूरत के अनुसार छह लेन तक विस्तार संभव
निर्माण अवधि: करीब तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य
विशेष बात: पुल निर्माण की प्रारंभिक तैयारियां और कैंप स्थापित करने का काम पहले ही शुरू
तकनीकी विशेषता: ऊंचे टावरों से जुड़े स्टील के केबल पुल को सहारा देंगे। नदी के बीच कम पिलर बनने से सरयू के प्राकृतिक प्रवाह पर कम असर पड़ेगा।